मथुरा। संकट में फंसे साड़ी उद्योग को सीएम योगी के मथुरा दौरे के बाद संजीवनी मिल गई है। उद्यमियों का कहना है कि सीएम योगी ने मथुरा को टेक्सटाइल हब बनाने की मंशा भी मंच से जाहिर की। इस दिशा में जल्द काम शुरू हो। छाता में एक टेक्सटाइल पार्क बनाया जाए। इसके साथ ही सब्सिडी पर सीएनजी और पीएनजी उपलब्ध कराई जाए।
मथुरा टेक्सटाइल उद्योग के संरक्षक राजेश बजाज ने बताया कि मथुरा को टीटीजेड के नियमों में राहत मिलना, 30 साल की लंबी लड़ाई की जीत है। अब स्थानीय प्रशासन सीएम योगी की मंशा अनुसार टेक्सटाइल हब बनाने के लिए टेक्सटाइल पार्क स्थापना की दिशा में कदम बढ़ाए और शासन को प्रोजेक्ट भेजे। साथ ही सीएनजी-पीएनजी को फिरोजाबाद के कांच उद्यमियों की तर्ज पर सब्सिडी पर उपलब्ध कराए। वर्तमान में मथुरा के साड़ी उद्यमियों को करीब 55 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सीएनजी/पीएनजी मिल रही है, जिससे एक मीटर साड़ी की लागत 3 रुपये आ रही है, जबिक बायोफ्यूल के इस्तेमाल पर 1 रुपये प्रति मीटर की लागत आती है।
टेक्सटाइल पार्क की मांग के लिए लखनऊ जाएगा प्रतिनिधिमंडल
टीटीजेड के नियमों में मथुरा को राहत देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को साड़ी उद्यमियों को धन्यवाद ज्ञापित करने व छाता में टेक्सटाइल पार्क स्थापना की मांग को लेकर मथुरा टेक्सटाइल उद्योग के संरक्षक राजेश बजाज, अध्यक्ष गोविंद मित्तल, महामंत्री संजय अग्रवाल जल्द लखनऊ जाएंगे। इनके अनुसार 100 एकड़ जमीन पर पार्क स्थापित हो जाएगा। इसके अलावा सरकार से यह भी मांग की जाएगी कि फैक्ट्रियों में जल शोधन के लिए स्थापित किए जाने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाए।
एक नजर साड़ी उद्योग पर
80 वर्ष पुराना है साड़ी उद्योग
100 यूनिट थी पहले संचालित
45 यूनिट वर्तमान में संचालित
02 हजार करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर
02 लाख लोगों को मिल रहा प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार