आम उपभोक्ताओं से बिजली के बिल की वसूली के लिए अफसरों की गाड़ी दौड़ती हैं। लेकिन, सरकारी विभागों की बकाएदारी पर सब मौन हैं। जिले में इन पर विद्युत विभाग के लगभग 6 करोड़ रुपये बकाया हैं। जनसूचना अधिकार अधिनियम की मदद से यह जानकारी सामने आई है।
आरटीआई कार्यकर्ताओं की संस्था ‘परिवर्तन’ से जुड़े एक्टिविस्ट रामगोपाल ने विद्युत विभाग से सरकारी विभागों पर बकाया राशि की सूचना मांगी थी। अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खंड (प्रथम) महेंद्र कुमार ने आरटीआई के तहत सूचना उपलब्ध कराई। इसमें बताया गया है कि मार्च-2015 तक कुल बकाएदारों की संख्या 108035 थी।
इस खंड में कुल दस सरकारी विभाग आते हैं। इन पर विभाग के 57828805 रुपये बकाया हैं। एसएसपी के नाम कुल आठ कनेक्शन पर 1583860 रुपये और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के 22 कनेक्शन पर 2449666 रुपये बकाया हैं। बकाया वसूली के लिए एक्सईएन ने समय-समय पर बिजली कनेक्शन काटे जाने और एफआईआर कराने की बात कही। हालांकि, बकाएदार सरकारी विभागों के खिलाफ किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी है।
बकाएदार विभाग कनेक्शन संख्या बकाया धनराशि
बेसिक शिक्षा विभाग 411 2,54,38,967
पेयजल योजना 297 2,68,35,739
मुख्य चिकित्सा अधिकारी 22 24,49,666
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक 8 15,83,860
मुख्य पशु चिकित्सा अधि. 4 4,27,704
मुख्य विकास अधिकारी 3 3,90,864
कस्तूरबा गांधी विद्यालय 3 67,190
लोक निर्माण विभाग 2 4,31,944
क्रीड़ा अधिकारी 1 1,70,099
क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन 1 32,772
(बकाया धनराशि रूपयों में जनवरी 2015 तक)