फूलन की बाजू-बंद, फूलन की माला, गइया चरायबे आये नंदलाला। गुुरुवार को गोपाष्टमी पर एक बार फिर कृष्ण युग की गोचारण लीला जीवंत हो गई। कृष्ण बलदेव के बाल स्वरूप गाय के साथ निकले तो इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए ब्रजवासियों की कतार लग गई।
श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद की ओर से सुबह नौ बजे विश्राम घाट पर गोचारण लीला का आयोजन किया गया। इसमें भगवान श्रीकृष्ण अपने कुलगुरु गर्गाचार्य से अनुमति लेकर प्रथम बार गाय चराने के लिए निकले।
इस अवसर पर गोमाता का सामूहिक पूजन किया गया। लीला का मंचन स्वामी बाबूलाल दुबे ने किया।
शाम चार बजे भीकचंद्र गली से श्रीकृष्ण और बलराम की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें समाज के लोग पुष्पमाला से सजी लाठियां लेकर चल रहे थे। ये शोभायात्रा गोपालबाग पुराने बसस्टैंड पहुंची।
यहां प्रभु ने ग्वालबालों के साथ बैठकर कलेवा किया। शोभायात्रा में गऊचारण झांकी, बग्गी पर बैठे भगवान कृष्ण और बलराम की झांकी मन मोह रही थी।
इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष दिनेश पाठक, अरविंद चतुर्वेदी, योगेंद्र चतुर्वेदी, महामंत्री राकेश तिवारी, संजीव चतुर्वेदी, ब्रजेश चतुर्वेदी, कृष्ण कुमार, आशीष आदि मौजूद रहे।
श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति की ओर से श्रीजी बाबा आश्रम स्थित गोशाला की गायों का मेहंदी, ओढ़नी, पुष्पहारों से शृंगार किया गया। एक गोष्ठी भी आयोजित की गई।
संत राजा बाबा, संस्थापक अमित शर्मा भारद्वाज, रमेश शर्मा, संजय शर्मा, पिपरोनिया, राधाकांत गोस्वामी, मुकुंद गोस्वामी, राजेश पाठक आदि मौजूद रहे।
गऊघाट पर कृष्ण बलराम की सवारी गिर्राज मंदिर से शुरू हुई। ये सवारी लाल दरवाजा, शाहगंज मंदिर होते हुए ठाकुर गोपीनाथ मंदिर पर संपन्न हो गई। इस अवसर पर राधाबिहारी गोस्वामी, धीरज गोस्वामी, यश, मोहन स्वामी, दीपक वर्मा आदि मौजूद रहे।
ठाकुर केशवदेव ने दिए गोपवेश में दर्शन
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान परिसर स्थित ठाकुर केशवदेव महाराज ने गुरुवार सुबह श्रद्धालुओं को गोपवेश में दर्शन दिए। इस अवसर पर गोशाला पर गायों का पूजन किया गया।
प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ ने कहा कि इस दिन प्रत्येक ब्रजवासी को एक गाय की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। राजीव श्रीवास्तव ने गोसेवा प्रकल्प पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक सुरक्षा हृदेश कुमार, विजय बहादुर, विंध्येश्वरी प्रसाद आदि मौजूद रहे।