अब गाय और भैंस की भांति सरकारी पशु चिकित्सालयों में बकरी का भी कृत्रिम गर्भाधान होगा। पशुपालन विभाग अब इसकी शुरूआत प्रदेश के 6 जनपदों में करने जा रहा है। इसके लिए यूपी वेटरनेरी यूनिवर्सिटी की बकरी सुधार यूनिट से उत्तम किस्म की बकरी का सीमन प्राप्त किया गया है।उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय वेटरनेरी यूनिवर्सिटी एवं गो-अनुसंधान संस्थान ने पिछले दिनों प्रदेश के करीब 120 पशु चिकित्सक और पशुधन प्रसार अधिकारियों को बकरी कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने यूनिवर्सिटी की बकरी सुधार यूनिट से सोनभद्र, आगरा, गोरखपुर, ललितपुर, मिर्जापुर, कासगंज जनपद के लिए उत्तम किस्म की बकरे के सीमन की खरीद की है।
अब इन जनपदों में पशुपालन विभाग बकरी पालकों को सरकारी पशुचिकित्सालयों में बकरी के कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा प्रदान करेगा। वेटरनेरी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अलावा करीब 14 राज्यों को यूनिवर्सिटी की बकरी यूनिट ने सीमन उपलब्ध कराया है। इसमें मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उड़ीसा, राजस्थान और पश्चिम बंगाल भी शामिल है। यहां सरकारी और प्राइवेट स्तर पर सीमन की खरीद की गई है।
किसान सीधे साध रहे संपर्क
मथुरा वेटरनेरी यूनिवर्सिटी के बकरी सुधार यूनिट प्रभारी डॉ. मुकुल आनंद ने बताया कि प्रदेश में सरकारी व्यवस्था के अलावा किसान व्यक्तिगत तौर पर बकरी के कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण के लिए यूनिवर्सिटी से संपर्क साध रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने किसानों को भी प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। अब तक बकरी सुधार यूनिट ने देवरिया, बनारस, कासगंज, अलीगढ़, आगरा, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद के बकरी पालक और बकरा फार्म हाउस से जुडे़ लोगों को कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण दिया है। ऐसे लोगों ने बकरी पालन से जुडे़ मूलभूत जानकारियां भी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश के किसान बरबरी, जमुनापारी, सिरोही आदि नस्ल के सीमन की डिमांड सबसे अधिक कर रहे हैं।