फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mathura News: जीएलए ग्रेटर नोएडा के छात्रों की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि

विज्ञापन
जीएलए विवि ग्रेटर नोएडा कैंपस के छात्र प्रशस्ति पत्र और अवॉर्ड के साथ। 
विज्ञापन
मथुरा। जीएलए विवि ग्रेटर नोएडा के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की दो प्रमुख प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए नाम रोशन किया है। एमबीए और बीबीए विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता, नवाचारपूर्ण सोच और उत्कृष्ट समस्या-समाधान कौशल के दम पर शीर्ष स्थान प्राप्त किए।
विज्ञापन

आईआईटीएम ग्वालियर में हुए अटल अनुसंधान एवं इनक्यूबेशन सम्मेलन में जीएलए विश्वविद्यालय के एमबीए छात्रों ने प्रथम स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की। यह सम्मेलन सरकारी नवाचार पहलों के तहत आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया।
यूनिवर्सिटी के छात्र कुलदीप सिंह, दर्शित सिंह और उत्कर्ष शर्मा की टीम ने इनोवेटर्स एरीना युवा मन श्रेणी में शीर्ष स्थान पाया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को गुजरात सरकार द्वारा शुल्क वृद्धि एवं सुधार विषय पर त्वरित विश्लेषण कर प्रस्तुति देनी थी। टीम ने सरकारी नीतियों का गहन अध्ययन कर सरल और स्पष्ट विश्लेषण प्रस्तुत किया तथा अपने संरचित दृष्टिकोण, मजबूत तर्क और प्रभावशाली प्रस्तुति से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।
विज्ञापन

वहीं, बीबीए विभाग के छात्र शिवांग और अंश ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामलाल आनंद महाविद्यालय में आयोजित ईकोस सतत विकास प्रतियोगिता में उपविजेता स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता अनस्टॉप मंच पर आयोजित की गई थी। इसमें देशभर से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
ऑनलाइन राउंड पार करने के बाद दोनों छात्रों ने दिल्ली विवि परिसर में हुए फाइनल राउंड में भाग लिया। उन्हें सीमित संसाधनों के आधार पर एक सतत (सस्टेनेबल) शहर का मॉडल तैयार करना था। दोनों छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, संसाधन प्रबंधन और शहरी नियोजन की उत्कृष्ट समझ दर्शाते हुए ऐसा विचार प्रस्तुत किया, जिसे निर्णायकों ने अत्यंत नवाचारी और संतुलित बताया।
जीएलए ग्रेटर नोएडा के प्रति कुलपति प्रो. दिवाकर भारद्वाज ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण और उद्योग-केंद्रित शिक्षा का परिणाम है। उन्होंने बताया कि अध्ययन-प्रकरण पद्धति, वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित अभ्यास, उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं छात्र-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण में छात्रों में विश्लेषणात्मक तर्क, संवाद क्षमता और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में सहायक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें