तहसील परिसर में डॉ. भीमराव आम्बेडकर की तस्वीर लिए खड़ा पीड़ित।
गोवर्धन। अनुसूचित जाति के व्यक्ति के उत्पी़ड़न से तंग आकर सोमवार को किसान अपनी पत्नी और बच्चों के साथ तहसील गोवर्धन में पहुंचकर जाति परिवर्तन की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया। उसने ज्वलनशील पदार्थ दिखाकर आत्मदाह की चेतावनी दी। हंगामे के बाद एसडीएम ने पुलिस को सूचना दी। सीओ ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर उसे संतुष्ट किया।
मगोर्रा के गांव तसिया का रहने वाला राजेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ तहसील में पहुंचा और उसने खुद को पिछड़ी जाति का बताते हुए अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनाने की मांग की। इसको लेकर धरने पर बैठ गया। तहसील कर्मियों ने पूछा तो वह हंगामा करने लगा। ज्वलनशील पदार्थ की बोतल निकालकर बोला कि अगर तहसील प्रशासन ने उसका अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया तो वह परिवार के साथ आत्मदाह कर लेगा। उसके हाथ में डॉ. आंबेडकर की तस्वीर भी लगी हुई थी। हंगामा बढ़ने पर एसडीएम प्राजक्ता त्रिपाठी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस को किसान ने बताया कि कुछ समय पहले उसने गांव के अनुसूचित जाति के व्यक्ति को पांच लाख रुपये उधार दिए थे। वह तगादा कर रहा तो उक्त व्यक्ति उसे दलित उत्पीड़न के केस में फंसाने की धमकी दे रहा है। उसे पैसे की जरूरत है। पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर रही है। थाना पुलिस पीड़ित को सीओ कार्यालय ले आई। यहां सीओ अनिल कुमार सिंह ने राजेश की समस्या सुनकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।