वृंदावन। दो बेटी पहले से थीं। अब एक और बेटी हुई तो ससुराल वाले प्रसूता को सरकारी अस्पताल में ही छोड़ कर चले गए। यह भी हिदायत दे गए कि अब घर आने की जरूरत नहीं है। हमें बेटी नहीं बेटा चाहिए था, ये तुझे पहले ही बता दिया था। हॉस्पिटल से उपचार के बाद कोतवाली पहुंची पीड़िता ने अपना दर्द कोतवाल को बताया है।
रामतला निवासी पूनम ने बताया कि उसकी शादी 10 साल पहले हुई थी। दो बेटियां हैं। ससुरालीजन इसे लेकर उसका उत्पीड़न करते आ रहे हैं। पति ही नहीं, सास-ससुर का भी कहना रहता था कि उन्हें बेटी नहीं, सिर्फ बेटा चाहिए। 26 जून को गौरानगर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में उसने बेटी को जन्म दिया है। ससुरालीजन उसे हॉस्पिटल में ही छोड़कर चले आए हैं।
यह भी धमकी दी है कि अब घर मत आना, उसकी घर को जरूरत नहीं है। नवजात बालिका के साथ कोतवाली पहुंची पूनम ने अपने पति, सास-ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर वृंदावन कोतवाली को दी है। कोतवाल प्रभारी ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।