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गीता के उपदेशों से गूंजा ठाकुर केशव देव मंदिर

Mon, 21 Dec 2015 10:16 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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भगवान श्रीकृष्ण की अमृतवाणी श्रीमद्भागवत गीता के प्राकट्योत्सव पर जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। तीर्थ पुरोहित महासंघ, धर्मयात्रा महासंघ और प्राचीन मंदिर ठाकुर केशव देव मल्लपुरा प्रबंध समिति ने संयुक्त रूप से मंदिर में आयोजन किया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भी गीता जयंती मनाई गई।
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सुबह दस बजे वेदपाठी ब्राह्मणों ने सामूहिक रूप से श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया और 18 अध्यायों से गीता महायज्ञ संपन्न कराया। दोपहर एक बजे महायज्ञ पूर्णाहुति, विचार गोष्ठी, प्रवचन का आयोजन किया गया। शाम को भजन संध्या और रात्रि महाआरती का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर महंत फूलडोल दास महाराज ने कहा भगवान ने अर्जुन को माध्यम बनाकर संपूर्ण संसार को मार्ग दिखाया है। महामंडलेश्वर नवलनंद गिरी महाराज ने कहा जब-जब धर्म की हानि होती है परमात्मा का भूमंडल पर अवतार होता है।
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इस अवसर पर आदित्यानंद, धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री कृष्ण कुमार अग्रवाल, पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक सुनील शर्मा, प्रयागनाथ चतुर्वेदी आदि ने भी विचार रखे। इस अवसर पर पालिका चेयरमैन मनीषा गुप्ता, कालचरण अग्रवाल, रविकांत गर्ग, सोहनलाल शर्मा, केशवदेव महारा, राजकुमार अग्रवाल, एसके शर्मा आदि मौजूद थे।
 
खारी कुंआ घीया मंडी स्थित दीर्घ विष्णु मंदिर में सुबह से ही वैदिक कार्यक्रम शुरू हो गए। सुबह आठ बजे से केशर स्नान इत्र से आभिषेक हुआ। नौ से 11 बजे तक यज्ञ आहूत किया गया। यज्ञ उपरांत मंदिर में भक्तों को गीता का महत्व बताया गया।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने पवित्र ग्रंथ गीता का वितरण किया। इस अवसर पर कथावाचक रमाकांत गोस्वामी ने श्रीमद्भागवत गीता के महात्म्य और अठारह अध्यायों की संक्षिप्त व्याख्या कर जीवन में कर्मयोग और निष्काम भाव से कर्तव्य करते रहने का महत्व बताया। पुलिस अधीक्षक सुरक्षा हृदेश कुमार, अधिशासी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी विजय बहादुर आदि थे।

महंत कांतानाथ चतुर्वेदी, मंदिर प्रवक्ता रामदास चतुर्वेदी ने भी विचार व्यक्त किए। महेश चंद्र अग्रवाल, गणेश चंद चतुर्वेदी, बालकृष्ण अग्रवाल, बालकृष्ण चतुर्वेदी, राजेश बंसल, राजू सरदार, राजेंद्र अग्रवाल, सोमनाथ, माधवलाल, महेश वर्मा आदि मौजूद रहे।


राष्ट्रीय धर्मग्रंथ घोषित करने की मांग
श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति की ओर से गऊघाट स्थित गोपीनाथ मंदिर में आयोजित समारोह में गीता को राष्ट्रीय धर्मग्रंथ घोषित करने की मांग की गई। संत राजा बाबा, संस्थापक अमित भारद्वाज, मंदिर सेवायत धीरज गोस्वामी आदि ने विद्वानों का सम्मान किया।
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