मथुरा। यमुना के तट पर नालों से निकलने वाली गंदगी लगने की शिकायत आगरा जल निगम के अफसरों से की गई थी। इस पर अधिकारी ने त्रिवेणी कंपनी के कर्मचारियों के माध्यम से गंदगी हटवाई है, लेकिन सिल्ट अभी भी घाटों के किनारे जमी हुई है।
विगत दिनों मसानी तथा अन्य नालों की गंदगी ने घाटों पर श्रद्धालुओं का पूजा-अर्चना तक करना दुश्वार कर दिया था। इसकी शिकायत यमुना भक्तों ने आगरा यमुना कार्य योजना के अधिकारियों से की। सूचना पर आगरा जल निगम प्रोजेक्ट इंजीनियर सुमित कुमार ने इस संबंध में मथुरा में एसटीपी आदि का निर्माण कार्य कर रही कंपनी त्रिवेणी के कर्मचारियों के माध्यम से नालों किनारे जमी गंदगी को हटवा दिया। यह कर्मचारी शनिवार तथा रविवार को घाट किनारे नावों के माध्यम से गंदगी उठाने का काम करते रहे।
यह काम जल निगम का नहीं है, परंतु सफाई कराई गई
यह काम जल निगम का नहीं है, परंतु सूचना मिलने पर निर्माण इकाई के कर्मचारियों से यमुना की सफाई कराई है। हालांकि घाटों की सफाई के लिए विशेष रूप से कुछ कर्मचारी तैनात है, जो कि नगर निगम मथुरा के दायरे में आते हैं। यह कार्य उनको करना चाहिए। वे सही ढंग से काम नहीं करते।
- सुमित कुमार, प्रोजेक्ट इंजीनियर, जल निगम आगरा
पार्षद तथा पुरोहित समाज ने की थी शिकायत
पार्षद रामदास चतुर्वेदी तथा पुरोहित कांतानाथ चतुर्वेदी ने यमुना में अचानक बढ़ी गंदगी की शिकायत आगरा जल निगम के अधिकारियों से की थी। दोनों ने बताया कि भले ही यमुना अभी पूरी तरह से साफ नहीं हैं परंतु घाटों किनारे आई गंदगी को फिलहाल निकाल दिया गया है।
कर्मचारियों की निगरानी होगी
कुछ कर्मचारी यमुना के घाटों की साफ-सफाई के लिए तैनात किए गए हैं, परंतु जानकारी मिली है कि वे ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। हम इन कर्मचारियों की निगरानी करेंगे।
- डॉ. मुकेश आर्य बंधु ,महापौर नगर निगम मथुरा-वृंदावन