मथुरा रिफाइनरी की पाइप लाइन से तेल चोरी के आरोपी मनोज गोयल पर शिकंजा कसते हुए भले ही सवा करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई हो, लेकिन मनोज जैसे इस धंधे के बहुत खिलाड़ी हैं, जिनके गिरेबां तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे हैं।
तेल चोरी का यह खेल बहुत पुराना है, इस धंधे से न जाने कितने लोग अरबपति बन गए। इसी तरह अवैध शराब, खनन, अवैध हथियारों का धंधा जिले में खूब फला-फूला है। शराब के धंधे में तो हाल ही में थाना कोसीकलां की पुलिस की भूमिका भी सामने आ चुकी है। ऐसे में पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठना भी स्वाभाविक है।
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थाना रिफाइनरी, थाना हाईवे और थाना बलदेव क्षेत्र से रिफाइनरी की पाइप लाइन गुजरती हैं। इन क्षेत्रों में तेल चोरों ने पाइप लाइन से तेल चोरी की। टैंकरों में भर कर तेल दूसरे स्थानों तक पहुंचाया। कई लोग इस धंधे से अकूत संपत्ति के मालिक बन गए। कई बार पुलिस ने छापे मारकर तेल चोरी पकड़ी, लेकिन पुलिस की भूमिका हमेशा संदिग्ध बनी रही।
तेल चोरी के आरोपी मनोज गोयल के पास कई अरब की संपत्ति बताई जाती है, लेकिन सवा करोड़ से अधिक की संपत्ति ही जब्त की गई। इसके पीछे एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर का तर्क है कि गैंगस्टर लगने के बाद जो संपत्ति अवैध धन से अर्जित की गई है उसे ही जब्त किया जा सकता है।
उधर, जिले में यमुना के खादर क्षेत्रों में बालू का अवैध खनन जोरों पर है। कार्रवाई के नाम कुछ ट्रैक्टर पकड़कर पुलिस खानापूरी कर देती है, जबकि इस धंधे में लोग रोजाना लाखों की कमाई कर रहे हैं। थाना कोसीकलां क्षेत्र में अवैध शराब के धंधे में पुलिस की भूमिका हाल ही में उजागर हुई है।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला अब ठंडे बस्ते में है। इसी तरह अवैध हथियारों का धंधा करने वालों तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है, जबकि वारदातों में अवैध हथियारों के इस्तेमाल के कई मामले उजागर हुए हैं।
गैंगस्टर के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कई और नाम भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। शराब, खनन और हथियारों का धंधा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है। सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
बड़े अपराधियों पर कार्रवाई से बचते है पुलिस
शराब, खनन, तेल, हथियार, गांजा आदि के धंधबाजों पर कार्रवाई के मामले में पुलिस छोटे अपराधियों पर ही कार्रवाई करती है। जबकि इन धंधों को लेकर कई बड़े नाम चर्चा में रहते हैं, लेकिन पुलिस उन पर कार्रवाई नहीं करती। ऐसे लोगों के साथ राजनीतिक व्यक्ति का संरक्षण होने की भी चर्चा रहती है।