मथुरा। गंगाजल की आपूर्ति आगरा को कई माह पहले शुरू हो चुकी है, लेकिन मथुरा अभी भी इसके इंतजार में है। हालांकि गंगाजल गोकुल बैराज तक पहुंच चुका है, अब सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइप लाइन जानी है, यही कार्य तीन माह बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
आगरा के साथ मथुरा के लिए गंगाजल घर-घर तक पहुंचाने की योजना है। इस योजना के तहत बुलंदशहर पल्ला झाल से मथुरा तक पाइप लाइन डाली गई है। पूरी योजना पर करीब 2880 करोड़ का खर्च है। इसमें मथुरा को 10 क्यूसेक गंगाजल ही मिलना है। इसके लिए कुछ दिन पहले गोकुल बैराज पुल से पाइप लाइन डालने के लिए ट्रस (पाइप लाइन ले जाने वाला फ्रेम) तैयार किया जा रहा था।
गंगाजल इकाई के इंजीनियरों ने ट्रस को तैयार करने के लिए भी करीब तीन माह से अधिक का समय लगा दिया। अब जबकि गंगाजल की पाइप लाइन कारव से बैराज को पार कर चुकी है तो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक की दूरी सिर्फ 300- 400 मीटर की दूरी शेष है। बैराज के इंजीनियर इस पाइप लाइन को अभी तक प्लांट तक नहीं ला सके हैं। इस पाइप लाइन के गोकुल बैराज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक आने से मथुरा-वृंदावन को गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
गंगाजल इकाई के अधिकारियों ने अक्तूबर तक गंगाजल मथुरा के लोगों को पिलाने का वायदा किया था। इस संबंध में महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि इस संबंध में दो दिन पूर्व उन्होंने अधिकारियों से कहा है तथा जल्द ही कार्य पूर्ण करें। यदि जल्द ही प्लांट तक गंगाजल नहीं पहुंचा तो वह कार्रवाई करेंगे।