मथुरा। एक जून को मनाए जाने वाले गंगा दशहरा के पर्व को हस्त नक्षत्र ने महिमा बढ़ाई। इस दिन स्नान, दान और धर्म से 10 प्रकार के पाप नष्ट होंगे। दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि 1 जून को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा।
जेष्ठ मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में गंगा मैया पृथ्वी पर आई थीं उस समय वृषभ राशि पर सूर्य चल रहे थे एवं कन्या राशि पर चंद्रमा थे। इस वर्ष भी त्रेता युग के उन 10 योगों में इस वर्ष भी 1 जून को काफी योग मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार गंगा दशहरा की महिमा और भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गृहस्थ का कर्तव्य है कि वह शासन प्रशासन के नियमों को मानते हुए दान धर्म में तत्पर रहे।
ज्योतिषाचार्य आचार्य श्यामदत्त चतुर्वेदी ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान-ध्यान करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन दान का भी अति विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि गंगा नाम के स्मरण मात्र से व्यक्ति के पाप मिट जाते हैं। हिंदू धर्म में इस नदी को सबसे पवित्र नदी माना गया और मां कहकर पुकारा जाता है। उन्होंने बताया कि शुभ मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 37 मिनट तक है। इस दौरान भक्त स्नान, ध्यान और दान कर सकते हैं।
गंगा दशहरा का महत्व
मां गंगा का अवतरण पृथ्वी लोक पर हुआ है। इसलिए गंगा दशहरा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु गंगा दशहरा पर गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।