आगरा के साथ-साथ मथुरा को भी पेयजल के रूप में गंगाजल मिलेगा। 2800 करोड़ की इस योजना का कार्य 10 महीने में 22 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
मथुरा और आगरा के लिए बुलंदशहर पारला से मांट ब्रांच गंगनहर के किनारे-किनारे आ रही गंगाजल की पाइप लाइन का कार्य जोरों पर चल रहा है। अब तक इसके लिए मथुरा जिले के 30 गांवों के किसानों ने करार कर दिया है। पांच किलोमीटर तक कार्य पूरा हो चुका है।
पारला झाल से आगरा और मथुरा के लिए आठ फ ीट चौडे़ लोहे के पाइपों के माध्यम से गंगाजल लाने वाली योजना जल्द ही शुरू होने जा रही है। गंगाजल परियोजना इकाई और जापान इंटरनेशनल कार्पोरेेशन के सहयोग से आगरा- मथुरा के लिए 130 किलोमीटर लंबी लोहे की पाइप लाइन डाली जा रही है।
जिले की दो तहसील मांट और महावन के 33 गांवों के तीन हजार किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जा रही है। मांट में 26 और महावन में सात गांवों के किसानों को 32 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा तय हुआ है। इसके लिए किसानों से सहमति पत्र और करार कराने का कार्य पूर्ण हो चुका है। अब तक 33 में से 30 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है।
मथुरा को सिर्फ 10 क्यूसेक जल
गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत होने वाली गंगाजल की आपूर्ति में मथुरा की हिस्सेदारी मात्र छह प्रतिशत है। प्रोजेक्ट के तहत 150 क्यूसेक गंगाजल आएगा। इसमें से 140 क्यूसेक गंगाजल आगरा के लिए होगा। मथुरा में पाइपलाइन का प्वाइंट गोकुल बैराज पर रहेगा।