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‘विचार, संस्कार और संस्कृति के परिचायक थे दीनदयाल’

Wed, 11 Feb 2015 11:57 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा/फरह
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बलिदान दिवस पर बुधवार को उनकी जन्मस्थली दीनदयाल धाम में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा और संघ के पदाधिकारियों ने दीनदयाल उपाध्याय के जीवन वृत्त और उनके उद्देश्यों को सभी से साझा किया। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव कुमार बालियान ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के बाद खेत-खलिहान पर बात करने वाले दीनदयाल उपाध्याय ही दूसरे व्यक्ति थे।
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श्रद्धांजलि सभा का शुभारंभ अतिथियों द्वारा पंडित दीनदयाल के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समाज के साधनहीन लोगों की चिंता थी।

उनके विचारों को साकार करने पर आज देश में काम हो रहा है। नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री और मनोहर लाल खट्टर का हरियाणा का मुख्यमंत्री बनना दीनदयालजी के सपनों का उदाहरण है।  उन्होंने मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर दीनदयाल नगर स्टेशन करने और स्टेशन परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करवाने की इच्छा जाहिर की। मानव संसाधन राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने दीनदयाल उपाध्याय को विचारों, संस्कारों और संस्कृति का परिचायक बताया।
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विशिष्ट अतिथि केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव कुमार बालियान ने मथुरा जिले में और आदर्श गांव बनाने में सहयोग का भरोसा दिया। आरएसएस के प्रांत प्रचारक दिनेशजी ने कहा कि शिक्षा का अंत तक विकास, कृषि का उत्थान और स्वावलंबी गांव दीनदयालजी की सोच में शामिल था। आज उनके विचारों को आत्मसात कर देश के उत्थान में जुटने की आवश्यकता है।

स्मारक समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बांकेबिहारी माहेश्वरी, स्मारक समिति मंत्री डॉ. रोशन लाल ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन मेला समिति के महामंत्री अशोक कुमार टैंटीवाल ने किया। मंच पर आगरा उत्तर के विधायक जगन प्रसाद गर्ग भी मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत शिव शरण शर्मा, जगमोहन पाठक, नवीन मित्तल, महीपाल सिंह आदि ने किया।
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