शुक्रवार की सुबह से ही आसमान में छाई धुंध।
मथुरा। रेलवे ने कोहरे की धुंध में ट्रेनों को गंतव्य तक पहुंचाने में जुटे लोको पायलटों को राहत पहुंचाई है। ऑन ड्यूटी लोको पायलट अब एफएसडी की जरिए ट्रेनों को सुरक्षित और समय से पहुंचा सकेंगे। जीपीएस युक्त डिवाइस घने कोहरे में लोको पायलट को बिना किसी तनाव के काम करने में सहायता करेगी।
ट्रेनों को घने कोहरे में आने वाली मुश्किलें अब आसान होने जा रही हैं। अभी तक लोको पायलट को तेज धुंध में सिग्नल, लेवल क्रॉसिंग और अन्य स्थायी संकेतक दिखाई नहीं देते। यह डिवाइस लोको पायलट को पहले से अलर्ट देता है। इससे सिग्नल को देखने में जरा भी चूक नहीं होगी। इस जीपीएस युक्त डिवाइस की मदद से ट्रेन की लोकेशन के आधार पर निकट आने वाले सिग्नल, स्टेशन, गति प्रतिबंध और न्यूट्रल सेक्शन की जानकारी मिल सकेगी। धुंध में सामान्यतः ट्रेनें बहुत धीमी चलती हैं, पर इस डिवाइस की मदद से लोको पायलट सुरक्षित गति बनाए रख सकेंगे। इस संदर्भ में आगरा मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि यह डिवाइस सभी प्रकार के लोकोमोटिव और रूट्स पर उपयोगी साबित होगी। यह डिवाइस हल्का, पोर्टेबल है और इलेक्ट्रिक व डीजल दोनों इंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। आगरा मंडल में कुल 510 फॉग सेफ्टी डिवाइस दी गई हैं। मथुरा में 150 डिवाइस भेजी गई हैं।