फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mathura News: पीने की छोड़िए नहाने लायक भी नहीं है पानी

Sat, 03 Jun 2023 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा। शहर के बीचोबीच स्थित कठौतीकुआं क्षेत्र के लोग पिछले कई दशकों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लोगों को निजी स्तर पर खरीद कर पेयजल और नहाने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। नगर निगम के नलकूपों से खारे पानी की आपूर्ति होती है, जो न तो पीने के काम आता है और न नहाने के लिए उपयोगी है। इस पानी का टीडीएस 3000 से अधिक होने के कारण इसका उपयोग सिर्फ साफ सफाई में ही किया जाता है।कठौतीकुआं में मिश्रित आबादी है। पुराना क्षेत्र होने के कारण यहां की आबादी घनी है। करीब चार हजार लोग इस क्षेत्र में रहते हैं। आसपास वनखंडी, छगनपुरा भी है। यह क्षेत्र पिछले कई दशकों से पानी की समस्या से जूझ रहा है। कठौतीकुआं में यह गंभीर समस्या है। नगर निगम के नलकूपों से जलापूर्ति की जाती है, जो खारा है। नलकूपों से सीधे होने वाली जलापूर्ति में टीडीएस की मात्रा 3000 हजार से ऊपर बताई जाती है। इस पानी में अधिक क्षारीयता होने के कारण इसका उपयोग ना तो पीने में होता है और ना ही इससे सही तरीके से नहाया जाता है। अधिकतर लोग साफ सफाई में ही इस पानी का उपयोग करते हैं। कपड़े धोने में भी यह पूरी तरह से कारगर नहीं है। नहाते वक्त पानी के साथ साबुन का उपयोग नहीं किया जा सकता है। इससे परेशान लोग खाने-पीने से लेकर नहाने तक के लिए पानी खरीदते हैं।
विज्ञापन


लाला नवल किशोर नलकूप का सहारा
स्वतंत्रता संग्राम सैनानी लाला नवल किशोर नलकूप का पानी कठौतीकुआं क्षेत्र निवासियों के लिए सहारा बना हुआ है। लोग 10-15 रुपये में 15 लीटर पानी खरीदकर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। गरीबाें के लिए यह खरीद भी भारी पड़ती है। रूखी त्वचा हो जाने के बावजूद गरीब परिवार के लोग मजबूरी में इसी पानी से नहाते हैं।


वर्षों हो गए पानी की समस्या से जूझते हुए, कोई समाधान नहीं हुआ है। खारा पानी आता है, जो किसी काम का नहीं है। इससे महज घर की साफ सफाई ही की जा सकती है। बाकी कामों के लिए पानी खरीदना पड़ता है।
विज्ञापन

- मुमताज, कठौतीकुआं


बहुत परेशान हैं, आसपास के क्षेत्र में गंगाजल आने लगा है, लेकिन कठौतीकुआं में आपूर्ति नहीं हो रही है। यहां खारा पानी ही आता है। कई बार इस समस्या को लेकर शिकायत भी की गई हैं। पता नहीं कब तक यह स्थिति रहेगी।
फरमान खान, कठौती कुआं



बचपन से ही देख रहे हैं कि नलों में खारा पानी आता है। शहर के अनेक हिस्सों में गंगाजल आने लगा है लेकिन यहां नहीं आ रहा। गरीब लोग तो इस खारे पानी से ही नहाते हैं। पीने के लिए अन्य मोहल्लों से भरकर लाते हैं।
रईस, कठौतीकुआं




गंगाजल के लिए रातभर जागते हैं बनखंडी और छगनपुरा के लोग
कठौतीकुआं के निकटवर्ती मोहल्ला बनखंडी और छगनपुरा भी खारी पानी की समस्या से प्रभावित है। दोनों क्षेत्रों में भी नगर निगम के नलों से खारे पानी की आपूर्ति होती है। गंगाजल की आपूर्ति के लिए लोगों को रात भर जागना पड़ता है। जलकल विभाग की लापरवाही के चलते गंगाजल की आपूर्ति का कोई समय निर्धारित नहीं है, लेकिन यह तय है कि गंगाजल की आपूर्ति रात के दौरान ही होगी। कभी यह आपूर्ति रात दो बजे से होने लगती है तो कभी तीन और चार बजे। ऐसी स्थिति में लोगों को गंगाजल के लिए रात भर जागना पड़ता है। इस पानी में से दुर्गंध भी आती है।


खारे पानी की समस्या इस क्षेत्र के लिए गंभीर है। गंगाजल की आपूर्ति तो होने लगी है, लेकिन रात भर इसका इंतजार करना पड़ता है। सुबह चार बजे या फिर इससे पहले गंगाजल की आपूर्ति होती है।
मुकेश शर्मा,छगनपुरा


गंगाजल की आपूर्ति बताई जाती है, लेकिन बहुत गंदा पानी आता है। यह पानी खारा नहीं होता है,लेकिन इससे दुर्गंध बहुत तेज आती है। इसके लिए भी रात को जागना पड़ता है।
- पवन गोला


क्षेत्र के लोगों को पीने के लिए पानी खरीदना पड़ता है। एक समय खारा पानी आता है। रात में गंगाजल, लेकिन यह भी पीने योग्य नहीं होता है। बहुत गंदा पानी आता है।
विज्ञापन

सपना जौहरी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें