महावन के प्रेमनगर खुर्द निवासी रोहताश तंवर और रिफाइनरी क्षेत्र के नगला पौहपी निवासी राजन सिंह ने आठ जुलाई को एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि आगरा-दिल्ली मार्ग स्थित नगला हसनपुर में 2022 में पेट्रोल पंप स्वीकृत हुआ था। पेट्रोल पंप निर्माण के लिए वन विभाग से एनओसी की जरूरत थी।
आरोप है कि वन विभाग के प्रधान सहायक किशोर चतुर्वेदी ने उनसे एनओसी जारी करने के लिए दो लाख रुपये की मांग की। बाद में 50 हजार रुपये लेकर एनओसी जारी करने की बात तय हो गई। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने प्रधान सहायक की निगरानी बढ़ा दी।
शुक्रवार को राजन और रोहताश एंटी करप्शन टीम द्वारा केमिकल लगाकर दिए गए 50 हजार रुपये लेकर वन विभाग कार्यालय पहुंच गए। फिर 50 हजार रुपये निकालकर उन्होंने प्रधान सहायक किशोर चतुर्वेदी को दे दिए। इसके बाद पीड़ित कार्यालय के बाहर आ गए। इतने में एंटी करप्शन की टीम प्रभारी सहवीर सिंह के नेतृत्व में अंदर पहुंची और प्रधान सहायक को रंगे हाथ दबोच लिया। उसके पास घूस की रकम बरामद की और जमुनापार थाने ले गई। सीओ संदीप सिंह ने बताया है कि एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। फिलहाल मामला एंटी करप्शन टीम की निगरानी में है।
न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा जेल
इधर, शनिवार को प्रधान सहायक किशोर को एंटी करप्शन टीम मेरठ में स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश करेगी। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।