लाला बाबू मंदिर के निकट बांसुरी सुनते विदेशी भक्त।
वृंदावन। लाला बाबू मंदिर के निकट घूम रहे विदेशी श्रद्धालुओं के कान में बांसुरी की सुरीली आवाज ने दस्तक दी तो उनके कदम रुक गए। मंदिर में संतों द्वारा बजाई जा रही बांसुरी की आवाज बंद पड़ी एक दुकान के बाहर बैठकर सुन वृंदावन की आभा को महसूस करने लगे।
अर्जेंटीना निवासी अगस्टिन कंप्यूटर इंजीनियर हैं। यहां एक महीने पहले यहां आए हैं। उनके साथ उनकी महिला मित्र लिली भी हैं जोकि आस्ट्रेलिया की निवासी हैं। दोनों ने बताया कि वे मथुरा-वृंदावन के बहुत से मंदिरों का भ्रमण कर चुके हैं। वृंदावन आकर स्वयं को धन्य मान रहे हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण की भूमि की दिव्यता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। यहां लोग आज भी प्रभु की लीला काे महसूस करते हैं। आगरा के बारे में खूब सुना लेकिन मथुरा-वृंदावन वाकई ईश्वरीय आस्थावान लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। इसी कारण भारत ही नहीं बल्कि सात समन्दर पार से लोग यहां आते हैं। संवाद