वृंदावन। मानस पीठाधीश्वर स्वामी रामललाचार्य महाराज ने कहा कि संत सुदामा दास महाराज ने गो सेवा, संत सेवा एवं विप्र सेवा कर अनूठी मिसाल कायम की। उनके सेवा सिद्धातों का अनुसरण कर जीव का कल्याण संभव है।
यह विचार उन्होंने सुदामा कुटी के शताब्दी महोत्सव एवं जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य जयंती के अवसर पर कुंभ मेला क्षेत्र में संत विद्वत सम्मेलन में व्यक्त किए। महंत राजकुमार ने कहा कि सुदामा दास महाराज संत के रूप में ईश्वर का अवतार थे। उन्होंने जीवन पर्यंत पीड़ित मानवता की सेवा को ही अपना कर्म माना। संगोष्ठी में गुरु शरणानंद महाराज, हरिशंकर दास वेदांती, महंत राघवदास, महंत मनमोहन दास, रमाकांत, गोस्वामी संजीव कृष्ण, पंकज शास्त्री, स्वामी अभयप्र पन्नाचार्य, महंत हनुमान दास, महंत बलराम दास आदि ने विचार व्यक्त किए। वहीं भक्तों द्वारा आचार्य विष्णु कांत शास्त्री एवं आचार्य मृदुल कांत शास्त्री के आचार्यत्व में चल रहे श्रीराम महायज्ञ में राम नाम जप के साथ आहुति दी गईं।
इस अवसर पर महंत रामकिशोर दास, महंत गोविंद दास, महंत जनार्दन दास, महंत गंगा दास, महेंद्र हनुमान दास, महंत वृंदावन दास, सौमित्र दास, शिवम, सुदर्शन दास, मनोहर शरण, मोहन शर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन स्वामी जयराम दास एवं महंत सुदर्शन दास ने किया।