मथुरा। जनपद की सभी तहसीलों में तैनात सीजनल संग्रह अमीन और अनुसेवकों को वेतन के लाले पड़ गए हैं। पिछले तीन माह से जिले के इन 77 राजस्व कर्मियों को वेतन नहीं दिया गया है। कोविड-19 के दौरान मुख्यमंत्री के आदेश भी जनपद में इन राजस्व कर्मियों के वेतन के मामले में अप्रभावी हो गए हैं। इस स्थिति में सीजनल संग्रह अमीन और अनुसेवकों ने डीएम और एडीएम के बाद मुख्यमंत्री से वेतन दिलाने की गुहार लगाई है।
जनपद में 48 सीजनल संग्रह अमीन और 29 अनुसेवक तैनात हैं। इसमें अधिकांश अनुसेवकों का तैनाती भले ही सरकारी रिकॉर्ड में तहसील क्षेत्र हो, लेकिन ये जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालयों पर अफसरों की कोठियों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद इन्हें समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है। महावन तहसील में दिसंबर माह से पांच सीजनल अमीनों को वेतन नहीं मिला है, जबकि गोवर्धन तहसील में आठ सीजनल अमीन और तीन अनुसेवक, सदर तहसील में 8 सीजनल अमीन और चार अनुसेवक, छाता तहसील में 15 सीजनल अमीन और 8 अनुसेवक तथा मांट तहसील में 12 सीजनल अमीन और तीन अनुसेवकों को फरवरी माह से वेतन नहीं मिला है।
उत्तर प्रदेश राजस्व सामिक संग्रह अमीन संघ के जिलाध्यक्ष दीपक भारद्वाज बताते हैं कि उन्होंने इसकी शिकायत एडीएम वित्त, डीएम से की है। कोविड-19 के दौरान मुख्यमंत्री के आदेश का भी हवाला दिया है, लेकिन वेतन जारी नहीं हो सका। इस पर अब शिकायत मुख्यमंत्री को मेल के माध्यम से भेजी है।