शहर में 10 मिलीमीटर बरसात ने अफसरों की कार्यशैली की कलई खोल कर रख दी। गुरुवार को बारिश के बाद हुए जलभराव से कई मार्ग पूरी तरह बंद हो गए। मजबूरन राहगीरों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। रिक्शे पलटे और महिलाएं गंदे पानी में गिर पड़ीं। बुजुर्ग प्रशासन को कोसते नजर आए।
गुुरुवार को मेघ बरसे तो गरमी से परेशान लोगों के चेहरे खिल उठे। शहर में बरसात ने व्यवस्थाओं के नाम पर अफसरों की कलई खोल कर रख दी। नया बस स्टैंड और भूतेश्वर पर जलभराव के बीच ही लोग गुजरे। नया बस स्टैंड के निकट रेलवे पुल के नीचे जल भराव होने के कारण राहगीरों को जान जोखिम में डाल रेलवे लाइन से गुजरना पड़ा। स्कूली बच्चे भी साइकिल के साथ रेलवे लाइन को पार करते नजर आए।
इस दौरान टूटी सड़कों में कई दुपहिया वाहन और सवारी से भरे रिक्शे पलट गए। महिलाएं अफसरों को कोस रही थीं तो बुजुर्ग भी बमुश्किल गंतव्य को पहुंच सके। बरसात के बाद शहर में जगह-जगह सड़क धंस गई। कई स्थानों पर जल निगम द्वारा बनाए गए सीवर के मेनहोल धंस गए तो कई स्थानों पर अंडरग्राउंड विद्युत केबल वाली सड़क पांच से सात फीट तक सड़क धंस गई। ये जानलेवा गड्ढे कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।
इन दोनों के लिए लंबे समय से शहर के लोग जनपद के आला अफसरों से जल निगम और केईआई कंपनी और पालिका के कार्य की शिकायत की जा रही हैं, लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आ रहा है। इसका खामियाजा शहर के आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गुरुवार को राया शोध केंद्र पर 10 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई है। दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस, रात का 23 डिग्री दर्ज किया गया है।
केबल खोदाई से घर में घुसा पानी
चूना कंकड़ गली में बिजली की केबल डालने के लिए लापरवाही के साथ की गई खुदाई के चलते घर में नींव से पानी घुस गया। पीड़ित प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने पालिकाध्यक्ष और ईओ से जल्द ही पानी रुकवाने की मंाग की है।