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जिले के 175 गांवों में बाढ़ का खतरा, होने लगी मुनादी

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मथुरा। ताजेवाला बांध से छोड़े गए 8.28 लाख क्यूसेक पानी को लेकर जनपद में खलबली मची हुई है। जिला प्रशासन ने यमुना के निकटवर्ती गांवों में मुनादी पिटवाने का काम शुरू कर दिया है। संभावना है कि 22-23 अगस्त को मथुरा पहुंचने वाला यह पानी यमुना के निकटवर्ती 67 गांव में बाढ़ के हालत पैदा कर देगा। इस स्थिति को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बरसात के बाद सोमवार को ताजेवाले बांध से छोड़ा गया 8.28 लाख क्यूसेक पानी इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दौरान 23-23 अगस्त को मथुरा भयावह रूप धारण करेगा। यमुना किनारे के 67 गांवों में इस पानी के पहुंचना तय माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने जनपद के 175 गांवों की सूची तैयार कर ली है, जहां बाढ़ की संभावना रहती है।
बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटे प्रशासन ने सोमवार को यमुना किनारे के 67 गांवों में मुनादी पिटवाने का काम शुरू करा दिया है। लोगों को गांव छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने के लिए कहा जा रहा है। इसमें सदर तहसील के 20 गांव, छाता के पांच, मांट और महावन तहसील के 21-21 गांव शामिल हैं।
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इसके अलावा प्रभारी अधिकारी आपदा राहत एडीएम वित्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि पशुपालन अधिकारी, जिलापूर्ति अधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को अपनी तैयारियां अभी से करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील कर्मी और क्षेत्रीय पुलिस बल लोगों को अलर्ट करने में जुट गए हैं। इसके अलावा यमुना किनारे की सभी 31 बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। यहां तैनात कर्मचारी यमुना की गतिविधियों पर नजर जमाए हुए हैं।
किसानों की बढ़ गईं धड़कनें
नौहझील (मथुरा)। इलाके में अधिकांश धान की फसल यमुना किनारे खादर क्षेत्र में ही होती है। यमुना में बढ़ते जलस्तर की जानकारी मिलते ही किसानों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। नौहझील के गांव रायपुर, अनरदागढ़ी, नानकपुर, तिलकागढ़ी, फरीदमपुर, मुसमुना, भैरई, अड्डा मीणा, अड्डा जाटव, फिरोजपुर, मंगलखोर, दौलतपुर, बसाऊ, छिनपारई, देदना, मरहला मुक्खा, अड्डा मल्हान, बाघर्रा, अड्डा बाघर्रा, बरौठ, भूरगढ़ी, पिथौरा सहित तीन दर्जन से ज्यादा गांवों के किसानों की फसल बाढ़ से तबाह होने की चिंता है। इन गांवों में किसानों के माथे पर चिंता की लकीर साफ देखी जा सकती हैं।
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