मथुरा। जिले में परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त करने वाली पांच ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाया जाएगा। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने इसके लिए प्रधान और सचिव से कार्ययोजना मांगी है। 30 मई तक इन ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
शासन ने परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए पूर्व में जिले की पांच ग्राम पंचायतों को चुना था। इसमें विकास खंड गोवर्धन की अड़ींग, छाता की पैगांव, बलदेव की ततरौता, मथुरा की तोष और मांट की नगला हिमायूंदे ग्राम पंचायत शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों को शासन ने राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से प्राप्त होने वाली धनराशि के अतिरिक्त एक बड़ी धनराशि गांवों के विकास के लिए दी थी। इसके बाद भी इन ग्राम पंचायतों को बेहतर नहीं किया जा सका।
अब नए डीपीआरओ ने इन ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव कार्ययोजना तैयार कर डीपीआरओ देंगे। इसके बाद इसी कार्ययोजना के अनुसार 30 मई तक कार्य कराते हुए ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से जलनिकासी, पेयजल व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण के कार्य शामिल होंगे।
गांवों में भी शहर की तरह घर से ही उठेगा कूड़ा
डीपीआरओ ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में शहर की तरह डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए चरणवार ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा। जब ग्राम पंचायतें स्वच्छ होंगी तो उनका विकास स्वत: ही होगा। वहीं, मथुरा से होकर गुजरने वाले राजमार्गों पर पड़ने वाली ग्राम पंचायतों के बाहर भी साफ-सफाई कराई जाएगी।