डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बुधवार को वार्षिक निरीक्षण प्रक्रिया के तहत एसएसपी कार्यालय, पुलिस लाइन समेत विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस कार्यालय से पुरानी फाइलों के गायब होने के मामले में उन्होंने पांच बाबुओं को निलंबित करने का आदेश दिया। सभी क्षेत्राधिकारियों को क्राइम कंट्रोल का लक्ष्य देते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
डीआईजी लक्ष्मी सिंह डीसीआरबी, अपराध शाखा, लेखा विभाग और पेशकार कार्यालय में निरीक्षण कर रही थीं। इस दौरान पेशकार कार्यालय के मुंशी को इंटरनेट पर सर्फिंग करते देखा तो कहा कि डीआईजी कार्यालय के मेल का आप जवाब नहीं देते हैं जबकि यहां इंटरनेट यूज कर रहे हैं। उन्होंने मुंशी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।
इसके बाद उन्होंने एसएसपी ऑफिस में एसएसपी समेत सभी सर्किल ऑफिसर्स के साथ मीटिंग ली। सभी सीओ को क्षेत्र में क्राइम रोकने, इनामी अपराधियों को पकड़ने, लगातार अपराध करने वाले बदमाशों का डोजियर तैयार करने, माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद लिपिकों के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यालय से गायब वर्ष 2005 की पांच पुरानी फाइलोें के लिए जिम्मेदार पांच लिपिकों को निलंबित करने के आदेश दिए। इनमें से तीन लिपिक का ट्रांसफर अन्य जनपद के लिए हो चुका है। जबकि दो बाबू यहीं कार्यरत हैं।
किशोरियों के मामले में लापरवाही न बरतने के निर्देश
डीआईजी ने युवतियों और किशोरियों के साथ होने वाली घटनाओं में संवेदनशीलता बरतने और लापरवाही न करने के आदेश भी दिए। ऐसे मामलों को प्राथमिकता और गंभीरता से निपटाने को कहा। साथ ही राया निवासी किशोरी की अश्लील क्लिपिंग मामले के आरोपियों पर एनएसए लगाने के लिए एसएसपी से चर्चा की।
पुलिस कार्यालय के लिए बहुमंजिला इमारत
बीते दिनों आए भूकंप से एसएसपी कार्यालय की दीवारों में दरार आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस कार्यालय के स्थान पर बहुमंजिला इमारत बनाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिससे किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।