यमुना में बढ़ते प्रदूषण के चलते इसमें मछलियां दम तोड़ रहीं हैं। यमुना के जल में फैक्ट्रियों के केमिकल से घुलित आक्सीजन की मात्रा इतनी कम हो गई कि हजारों मछलियों का दम घुट गया। यह देख श्रद्धालु भी व्यथित हो रहे हैं।
यमुना में प्रदूषण की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। शनिवार को प्रदूषण का ग्राफ इस कदर बढ़ गया कि यह हजारों मछलियों का काल बन गया। सुबह यमुना में आचमन करने और नियमित पूजा अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालु इस दृश्य को देख व्यथित हो उठे। अपने पूर्वजों को तर्पण करने पहुंचे माधव पांडेय ने जैसे ही यमुना का जल अपनी अंजलि में भरा उसमें कई मरी मछलियां आ गईं। ये देखकर वह घबरा गए। मरी मछलियों की बदबू के चलते बमुश्किल तर्पण कर सके।
यमुना में पूजन करने पहुंचे नरेश पाल भी मरी मछलियों को देख व्यथित हो गए। घाट के कि नारे मरी मछलियां बिखरी पड़ी थीं। इस दृश्य ने उन्हें इस जल से आचमन करने से रोक दिया। आस्था के साथ यमुना को नमन कर नरेश वापस लौट आए।
एनजीटी में यमुना प्रदूषण पर याचिकाकर्ता कांतानाथ चतुर्वेदी ने इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड के अफसरों को भी दी है। जानकारों का कहना है कि जल में फैक्ट्रियों से निकला केमिकल मिलने से इसकी घुलित आक्सीजन बेहद कम हो गई है, जो जलीय जीवों के लिए काल साबित हो रही है।