एटा हादसे के दूसरे दिन ही बुधवार को कैलाश रोड पर हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी ने बाइक की गद्दियों से भरी मेटाडोर को अपने आगोश में ले लिया। धूं-धूंकर जल रही मेटाडोर को चालक बहादुरी से बस्ती से बाहर जंगल की तरफ निकाल लाया। इसके बाद गांववासियों की मदद से आग को पानी और मिट्टी डालकर बमुश्किल बुझाया गया। पुलिस ने इसी बीच वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। अगिभनशमन विभाग का फायर टेंडर आग बुझने के बाद ही पहुंच सका। घटना में पांच लाख का स्पंज खाक हो गया।
मेटाडोर में बाइक की गद्दियों का स्पंज भरकर चालक कटहैला, बलदेव निवासी मंदरुप सिंह पुत्र नंदूराम औरंगाबाद से रुद्रपुर, उत्तराखंड के लिए निकले थे। रास्ते में अपना गांव पड़ने के चलते वह मंगलवार की रात घर पर रुक गया। बुधवार को कैलाश रोड पर पहुंचते ही ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी ने मेटाडोर में भरी स्पंज में आग लगा दी। आग बढ़ने पर चालक ग्रामीण विनोद अग्र्रवाल की मदद से मेटाडोर को घनी बस्ती से जंगल की ओर ले गए। रास्ते में चालक और ग्रामीण युवक मेटाडोर से कूदे और देखते ही देखते मेटाडोर धूं-धूंकर कर जलने लगी।
अमृतपाल सिंह, एपी सिंह के साथ अन्य युवकों ने पानी, मिट्टी और बालू की मदद से आग पर काबू पाया। लोगों ने हिम्मत दिखाकर आग को मेटाडोर के डीजल टैंक की तरफ नहीं बढ़ने दिया नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मार्ग पर वाहनों का आवागमन रोक दिया था। आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। मेटाडोर चालक ने स्वामी को आग की सूचना दे दी है।
पहले भी हुआ हादसा
कैलाश रोड पर ही बीती सात अगस्त को दोपहर में टूटे विद्युत तार की चपेट में आकर साइकिल सवार बच्चू सिंह पुत्र कमल सिंह निवासी नगला फत्ता जुगसना गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसके बाद एचटी लाइन के नीचे से गुजर रही बस ड्राइवर की सूझबूझ से निकल गई और फिर तार टूटकर गिरा। कई जानें बच गई।
विभाग नहीं चेता तो फिर होंगे हादसे
बलदेव में कैलाश रोड पर जटौरा रोड, दाऊदयाल की टाल, महेंद्र की टाल पर सड़क पार करते हुए सैकड़ों मकानों के ऊपर से तार गुजर रहे हैं। इस बीच में कई स्कूल और मंदिर भी आते हैं। जर्जर विद्युत तारों को लेकर विद्युत विभाग उदासीन है, जबकि जर्जर लाइनों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से एक साल पहले आदेश आ चुके हैं लेकिन तार नहीं हटाए गए। सपा के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष चौधरी इस्लाम, देवकीनंदन चौधरी, राकेश चौधरी, महेंद्र पांडेय आदि ने तारों को हटाने की मांग की है।