वेटरिनरी विवि में दो माह पहले पशुपालकों और चिकित्सक छात्रों के बीच हुई मारपीट के मामले में छह चिकित्सक और 40 छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना सदर बाजार क्षेत्र के अंतर्गत हुई इस घटना की रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई। रिपोर्ट में पीड़ित पशुपालकों ने विवि के चिकित्सक और छात्रों पर एक राय होकर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है।
घटनाक्रम 30 मई का है। बलदेव के गांव नंदूगढ़ी निवासी पदम सिंह अपने भाई यदुवीर के साथ पंडित दीनदयाल पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय और गौ अनुसंधान संस्थान में अपनी बीमार भैंस और गाय का इलाज कराने आए थे। विवि के कोठारी अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सकों द्वारा ठीक से इलाज न करने की शिकायत के बाद चिकित्सक छात्रों और पशुपालकों में मारपीट हो गई थी।
इसमें एक छात्र गंभीर रूप से घायल हुआ। छात्रों की पिटाई से पशुपालकों को भी चोर्ट आइं थी। मामले में पशुपालकों को छात्रों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। अब पशुपालकों के परिवारी बल्देव सिंह ने डिप्लोमा छात्र अनुराग प्रताप सिंह, डा. रामसागर, डा. शंकर सिंह, डा. आलोक चौधरी, डा. गुलशन, डा विकास और 40 अन्य छात्रों के खिलाफ हमला करने और पशुओं को लूटने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पशुपालकों के परिवारीजनों का आरोप है कि घटना के बाद उनकी भैंस और गाय आज तक उनको नहीं मिली हैं।