उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति राम नाईक ने छात्रों से देश के नवनिर्माण में हाथ बंटाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया अब बाजार बन गई है। इस बाजार में ज्ञान के बल पर अपनी ताकत दिखानी होगी।
मंगलवार को पांचवें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने वेटरिनरी साइंस के छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि राह मत खोजिए। आप जिस रास्ते पर चल पड़ेंगे, वहीं राह बन जाएगी। कुलाधिपति ने आजादी के प्रारंभिक दौर में खाद्यान संकट और पाक आक्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था।
अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में इस नारे में ‘जय विज्ञान’ और जोड़ दिया। आज भारत गेहूं के उत्पादन में आत्मनिर्भर है, फिर भी देश के विकास के लिए कृषि का विकास आवश्यक है।
मुख्य अतिथि अकोला और मथुरा विवि के कुलपति रहे प्रोफेसर एमएल मदान ने कहा कि देश में ग्रामीण अंचल के 96 प्रतिशत लोगों के पास कृषि भूमि नहीं है या बहुत कम है। ये लोग पशुधन के सहारे आजीविका चला रहे हैं। आजादी के दौरान देश में दुग्ध उत्पादन 22 मिलियन टन था जो अब 143 मिलियन टन हो गया है।
लेकिन, कृषि की उत्पादकता में ठहराव आने लगा है और पशुपालन को सरकारी मदद नहीं मिल रही है। देश में 17 प्रतिशत लोगों का रोजगार पशुपालन है। ऐसे में गरीबी दूर करनी है तो पशुधन को बढ़ावा देना होगा। इस मौके पर कुलपति प्रो. एसी वार्ष्णेय ने विवि की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रभारी रजिस्ट्रार सुरेंद्र शर्मा ने संचालन किया। छात्र-छात्राओं को डिग्री का वितरण डीन वेटरिनरी डा. एसके गर्ग और डीन पीजी डा. पीके शुक्ला ने कराया।
कुलाधिपति ने बताए कामयाबी के मंत्र
- मुस्कराते रहो
- अच्छे कार्यों की सराहना करो
- किसी को छोटा दिखाने की कोशिश मत करो
- इस भूमिका से सोचो जो कर रहे हैं वह काम अच्छा कैसे हो सकता है