मथुरा। मौसम में बदलाव के बाद जिले में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई मरीज बुखार उतरने के बाद भी शरीर में कमजोरी और थकान की शिकायत कर रहे हैं।
मरीजों को 10 से 15 दिन बाद भी बुखार से पूरी तरह राहत नहीं मिल पा रही है। बुखार उतरने के बाद भी पैरों में कमजोरी की समस्या बनी हुई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक लंबी कतारों में देखे जा रहे हैं। वे बुखार, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों का कहना है कि दवा लेने के बाद बुखार कुछ समय के लिए उतरता है, फिर आ जाता है।
चिकित्सकों की सलाह
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी ने स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा है। उन्होंने बताया कि लगातार बुखार रहने या बार-बार लौटने पर जांच कराना आवश्यक है। जांच के बाद ही बीमारी के सही कारण का पता लगाया जा सकता है।
बचाव और सावधानी
डॉ. माहेश्वरी ने बारिश के बाद जमा पानी को मच्छरों के पनपने का कारण बताया। उन्होंने डेंगू, मलेरिया जैसे संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने पर जोर दिया। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने लोगों को आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी है।