फरह थाना क्षेत्र के गांव झुडावई के प्रधान प्रताप सिंह राना ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान कार्यालय लखनऊ में डीपीआरओ के खिलाफ शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि वर्ष 2022-23 में अस्थायी गोशाला के टिन शेड का निर्माण मै. हरे कृष्ण कंस्ट्रक्शन से निविदा प्रक्रिया से कराया था। इसका भुगतान भी उन्होंने किया।
इसमें कमियां होने के कारण जिला मजिस्ट्रेट ने 16 जून 2024 को उनको वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों से विरत कर दिया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के निर्वाचित तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया।
डीपीआरओ किरन ने उन्हें पूरे प्रकरण से संबंधित अभिलेख सहित पत्रावली उपलब्ध कराने को नोटिस जारी किया। उन्होंने सभी कागजात डीपीआरओ को उपलब्ध करा दिए।
प्रकरण में उनके पक्ष में रिपोर्ट लगाने के लिए डीपीआरओ ने अपने सेवानिवृत्त चालक विजेंद्र सिंह के माध्यम से 70 हजार रुपये की मांग की। प्रधान की शिकायत पर विजिलेंस ने मामले की जांच की। मामला सही मिलने पर मंगलवार को टीम ग्राम प्रधान के साथ रुपये लेकर डीपीआरओ के हाईवे थाना क्षेत्र इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवास पर पहुंची।
यहां प्रधान ने डीपीआरओ से मिलने के लिए चालक विजेंद्र सिंह को बोला। दोनों के बीच बातचीत हुई और प्रधान ने चालक को 70 हजार रुपये दे दिए। डीपीआरओ भी वहीं मौजूद थी। रकम लेते ही विजिलेंस की टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
टीम ने डीपीआरओ से घर में काफी देर पूछताछ की। इसके बाद डीपीआरओ और चालक को लेकर आगरा के विजिलेंस थाने पहुंची। यहां दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसपी विजिलेंय आलोक शर्मा ने बताया कि दोनों पर रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया गया है। डीपीआरओ और उनके चालक को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।