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Mathura News: पुलिस या मजिस्ट्रेट कोर्ट में एफआईआर को जा सकता है फारुख पक्ष

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मथुरा। फारुख एनकाउंटर मामले में दाखिल रिट पिटीशन संख्या 5045 खारिज होने के बाद बुधवार को रिट पिटीशन संख्या 703 की आदेश कॉपी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई।
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इस रिट का निस्तारण करते हुए हाईकोर्ट ने प्रार्थी को कहा है कि वह सेक्शन 36 के तहत एसएसपी के यहां एफआईआर को शिकायती पत्र दे सकते हैं। अगर, वहां सुनवाई न हो तो धारा 156 (3) के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी दे सकते हैं। मजिस्ट्रेट को सीधे एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने का अधिकार है। साथ ही वह मुकदमे की जांच सही हो रही है या नहीं, इसकी निगरानी भी कर सकते हैं।

हाईवे थाना क्षेत्र की गुरुकृपा काॅलोनी में 3 नवंबर 2023 की रात कंठी माला कारोबारी कृष्ण कुमार अग्रवाल व उनकी पत्नी कल्पना अग्रवाल की हत्या व लूट में आरोपी फारुख पुत्र करीम मंसूरी उर्फ मुल्ले निवासी मटिया दरवाजा डींग गेट, गोविंद नगर को 11 नवंबर की रात एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। फारुख की मां मुन्नी ने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में दो रिट दाखिल की थी। भारत सरकार और उप्र राज्य सरकार को प्रतिवादी बनाया था।
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रिट पिटीशन संख्या 703 में एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए उसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की प्रार्थना हाईकोर्ट से की गई थी। इसके रिट पिटीशन संख्या 5045 परिवार की सुरक्षा को लेकर दाखिल की थी। कोर्ट ने रिट पिटीशन संख्या 5045 को खारिज कर दिया। फारुख पक्ष के अधिवक्ता अमित खन्ना ने बताया कि रिट पिटीशन संख्या 703/2024 का निस्तारण करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि धारा 154 (3) के तहत पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो याचिनी धारा 36 सीआरपीसी के तहत एसएसपी के यहां या फिर धारा 156 (3) के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज करा सकती है। मजिस्ट्रेट कोर्ट इसमें एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे सकती है या फिर कंप्लेंट केस दर्ज कर सकती है।
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