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अनशन पर सांसद के गांव रावल के किसान

Thu, 24 Sep 2015 10:44 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
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सांसद हेमा मालिनी द्वारा गोद लिए गए राधारानी के गांव रावल के किसानों ने 40 साल पुराने पट्टों के निरस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर प्रशासन के खिलाफ आमरण अनशन शुरू कर दिया है। राधारानी मंदिर के निकट किसान कीटनाशक दवाओं को लेकर अनशन पर बैठ गए। हालांकि बाद में उनको समझाकर कीटनाशक दवा फिंकवा दी गई।
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गोकुल बैराज प्रभावित क्षेत्र में 11 गांव के किसान पिछले 17 साल से मुआवजे के इंतजार में हैं। इसके लिए एक साल के कड़े संघर्ष के बाद चार गांव को मुआवजा मिला है। इसी प्रक्रिया में तहसील महावन के अंतर्गत गांव रावल के 36 किसानों को नोटिस दिए गए हैं। प्रभावित किसानों की जमीन के स्वामित्व पर प्रश्न उठाया गया है। किसानों का कहना है कि जिस जमीन को तहसील प्रशासन के स्तर से अवैध कब्जा बताया जा रहा है, उस पर वह पिछले 40 साल से काबिज हैं। यह जमीन संक्रमणीय क्षेत्र में आती है।

जिसका खसरा नंबर भी किसानों के पास है। इसका लगान भी किसान प्रशासन को चुकता करते आ रहे हैं। अब प्रशासन मुआवजा देने से पहले इसे अवैध करार दे रहा है।

मुआवजे से पहले नोटिस को देख किसान आक्रोशित है। 23 सितंबर को किसानों ने तहसील पर प्रदर्शन किया। गुरुवार को गांववासियों के साथ किसान रावल में राधारानी मंदिर के निकट अनशन पर बैठ गए। किसान कीटनाशक दवा साथ लेकर बैठे। हालांकि बाद में भाजयुमो प्रदेश महामंत्री कुंवर सिंह निषाद द्वारा किसानों को समझाते हुए इसे फिंकवाया दिया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति को प्रशासनिक पैरोकारी पर किसानों का विरोध झेलना पड़ा। अनशन पर ठाकुर डम्बर सिंह, भानुप्रताप, अमन ठाकुर, कन्हैया निषाद, कन्हैया तिवारी, अनुज निषाद, केसरीनंदन आदि मौजूद रहे।
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तहसीलदार महावन की रिपोर्ट पर संबंधित लोगों को एसडीएम कोर्ट से नोटिस जारी किए गए हैं। किसानों को इस मामले में अपना पक्ष रिकार्ड सहित रखना चाहिए। न्यायिक प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाएगा।
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-चंद्रविजय सिंह संयुक्त मजिस्ट्रेट, एसडीएम महावन (मथुरा)
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