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कृषि मंडी को बंद रखने का व्यापारियों ने किया फैसला

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मंडी समिति में बैठक करते व्यापारी। - फोटो : MATHURA
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मथुरा। कृषि मंडी के व्यापारियों ने मंगलवार से एक बार फिर बंदी का फैसला किया है। व्यापारियों का कहना है लॉकडाउन दौरान सुबह 11 बजे तक अनाज की खरीद संभव नहीं है। इसके बाद व्यापारियों के साथ किसानों को भी परेशानी का सामना करना होगा। अनाज की खरीद के बाद उसे बाहर भेजना भी संभव नहीं होगा। 14 अप्रैल तक मंडी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि सोमवार को मंडी में अनाज की खरीद की गई है।
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सोमवार को मंडी समिति से जुड़े व्यापारियों की बैठक हुई। इस दौरान लॉकडाउन के प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद भी प्रशासन द्वारा मंडी को खोले जाने पर विरोध जाहिर किया। व्यापारी नेताओं ने कहा कि इस वक्त मंडी खोलना वह भी सिर्फ सुबह 11 बजे तक संभव नहीं है। इससे व्यापारी, किसान और मजदूर सभी को परेशानी होगी। अनाज की खरीद के बाद उसे वर्तमान स्थिति में बाहर भेजना भी संभव नहीं है।
इससे और परेशानी बढ़ेगी। इसे देखते हुए मंडी व्यापारियों ने मंडी को बंद रखने का फैसला किया। कहा कोई व्यापारी कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन में अनाज की खरीद नहीं करेगा। अध्यक्षता जीतू चौधरी ने की। एसोसिएशन के महामंत्री दीनदयाल ने बताया कि 14 अप्रैल तक मंडी बंद रहेगी। मंडी के खुलने से किसान, मजदूर, व्यापारियों के संक्रमित होने का खतरा रहेगा।
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बैठक में मंगीलाल अग्रवाल, धर्मचंद अग्रवाल, आलोक शर्मा, योगेंद्र गर्ग, अशोक सिंह, विष्णु शर्मा, प्रमोद अग्रवाल, शैलेंद्र शर्मा, बृज पाराशर, नरेश शर्मा, बंटू पटवारी, उमेश शर्मा, गजेंद्र चौमुहां, जगदीश जानू वाले, राजेश चौधरी, विजय अग्रवाल, शिवदीप अग्रवाल, आशीष गर्ग, प्रेमचंद अग्रवाल, विष्णु वार्ष्णेय, जमुना चौबेजी, झम्मन, प्रहलाद दास खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।
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