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किसानों ने जीती मुआवजे की जंग

Thu, 20 Aug 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
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आखिरकार किसानों का संघर्ष मुकाम तक पहुंच गया। गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित 17 साल से दर-दर भटक रहे किसानों की जीत हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को जो फैसला सुनाया उसमें जीत किसानों की हुई है। अब जिला प्रशासन को 29 सितंबर तक गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों को मुआवजा देना होगा। इसकी रिपोर्ट के साथ इसी तिथि को कोर्ट ने प्रमुख सचिव नगर विकास और डीएम मथुरा को फिर तलब किया है।
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गोकुल बैराज डूब क्षेत्र प्रभावित किसानों की याचिका पर बुधवार और गुरुवार को लंबी बहस के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। इसमें कोर्ट ने 29 सितंबर तक प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी विकल्प सुझाया है कि ऐसा करने में सरकार असफल रहती है तो उन किसानों को प्रतिमाह कुछ भुगतान करना होगा। यह राशि मुआवजा राशि के अतिरिक्त होगी।

यह व्यवस्था एक अक्तूबर से प्रभावी होगी। कोर्ट ने प्रमुख सचिव नगर विकास और डीएम मथुरा सहित अन्य अधिकारियों को 29 सितंबर को फिर पेश होने को कहा है। इस तिथि में उक्त अधिकारी मुआवजा वितरण की रिपोर्ट कोर्ट को देंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से गोकुल बैराज डूब क्षेत्र प्रभावित किसानों में जश्न का माहौल है। धरना स्थल दामोदरपुरा में किसानों ने खुशी में मिष्ठान वितरित किया है।
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-गोकुल बैराज: एक नजर
वर्ष 1989 में मिली परियोजना की स्वीकृति
1992 में रखी गई आधारशिला
1998 में हुआ लोकार्पण
11 गांव प्रभावित
मई मिर्जापुर उर्फ दामोदरपुरा खादर, माधोपुर खादर, मथुरा खादर, मुर्शिदपुर बांगर, मुहाल मुर्शिदपुर खादर, रावल खादर, मुबारिकपुर बांगर, मुबारिकपुर खादर, ईसापुर खादर, मुर्शिदपुर खादर, राजपुर खादर
333.506 हेक्टेयर भूमि किसानों की प्रभावित हुई
924 किसान इससे प्रभावित हुए


आंदोलन के पल...
-लोकार्पण के दौरान किसानों ने किया था विरोध
-वर्ष 2000 में किसानों ने किया था चक्का जाम
-कई बार कलक्ट्रेट सहित विभिन्न स्थलों पर धरना-प्रदर्शन
-01 नवंबर, 2014 को धरनारत किसानों पर लाठीचार्ज
-86 किसान नामजद, 500 अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
-12 किसान जेल गए, चार और पर अतिरिक्त मुकदमे भी हुए दर्ज


आगरा-मथुरा की जलापूर्ति के लिए हुआ निर्माण
गोकुल बैराज का निर्माण यमुना पर मथुरा-वृंदावन के साथ आगरा की जलापूर्ति के लिए किया गया था। इसमें 115 क्यूसेक पानी आगरा को दिया जाना था जबकि मथुरा-वृंदावन के लिए 30 क्यूसेक पानी की आपूर्ति होना तय हुआ था।


बैराज जलाशय का लेवल होगा 165.20 मीटर
गोकुल बैराज के जलाशय का लेवल 165.20 मीटर तय किया गया है। हालांकि आमतौर पर यह लेवल 163.40 मीटर से 163.70 मीटर तक रहता है। निर्धारित लेवल होते ही गोकुल बैराज जलाशय में पानी बढ़ने के साथ ही यमुना के मथुरा स्थित घाटों पर भी पानी की मात्रा बढ़ जाएगी।

आंदोलन के नायक बने कुंवर सिंह निषाद
हक के लिए 17 साल पुरानी लड़ाई को जीत में बदलने वाले आंदोलन के हीरो गांव के ही युवा कुंवर सिंह निषाद बने हैं। एक नवंबर, 2014 को निर्णायक आंदोलन में भी कुंवर सिंह का ही नेतृत्व था, जिसके कारण उन्हेें पुलिस की लाठियां खाने के साथ एक दर्जन सहयोगियों के साथ जेल में भी रहना पड़ा। कुंवर सिंह निषाद कोर्ट के माध्यम से मिली जीत के लिए सभी गांवों के लोगों की एकजुटता को श्रेय देते हैं। उनका कहना है कि आखिरकार किसानों को लंबे संघर्ष के बाद उनका हक मिलने जा रहा है।
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