गोकुल बैराज डूब क्षेत्र के प्रभावित किसानों की जमीन का मुआवजा साहूकारों को भी मालामाल करने जा रहा है। किसानों की मुफलिसी के दौर में चंद रुपये उधार देने के बाद जमीन का सौदा करने वालों को अब करोड़ों रुपये हाथ लगेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद यह सुनिश्चित हो गया है कि अब देर सवेर गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित 11 गांवों के किसानों को मुआवजा मिलेगा। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। इन 17 साल में जमीन जाने के बाद प्रभावित अनेक किसानों ने बेहद तंगी का दौर देखा है। कई परिवार सड़क पर आ गए। कोई मजदूर बन गया तो कोई नौकर। इसी दौर में साहूकारों ने किसानों को चंद रुपये उधार देकर उनकी जमीन भी नाम करा ली है। ऐसे करीब छह लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
राज्य सरकार सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दे रही है। इससे मजदूर और नौकर भी लखपति और करोड़पति बन जाएंगे। वर्तमान मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में आठ ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्हें 36 करोड़ रुपये मिलेंगे। किसानों के साथ उन साहूकारों की भी किस्मत बदलने जा रही है जो कुछ वर्ष पहले ही एक-एक पैसे के लिए तंग किसानों की जमीन का सौदा कर चुके हैं। इसमें कई नाम चर्चाओं में है। इसमें कुछ नेताओं के परिवारीजनों के नाम भी सुर्खियों में हैं। इसमें भी एक दल के नेताओं के नाम ज्यादा बताए जा रहे हैं।
इधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत सदर और महावन तहसील के साथ सर्वे टीम किसानों का रिकार्ड तैयार करने में जुट गई हैं। जिन किसानों के नाम जमीन है वह जीवित हैं, यह सर्वे भी किया जा रहा है। इसके बाद किसानों से मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में बैंक खाता, खसरा-खतौनी सहित अन्य कागजात मांगे जाएंगे।