जवाहर बाग को खाली कराने के लिए प्रशासन का किसानों को दिया गया समय बुधवार को पूरा हो रहा है और जिला प्रशासन जवाहर बाग को खाली नहीं करा पाया है। बुधवार को किसान कलक्ट्रेट कर्मचारियों के साथ आंदोलन में भाग लेंगे। किसान संघर्ष समिति आगे की रणनीति बना रही है।
सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू सिंह कटैलिया के नेतृत्व में चार अप्रैल को सैकड़ों किसान और कर्मचारियों ने जवाहर बाग खाली कराने के लिए धरना प्रदर्शन किया था। इसमें जिला प्रशासन की ओर से 20 अप्रैल तक जवाहर बाग को खाली कराने का आश्वासन दिया गया था। धरना समाप्त होते ही शाम चार बजे जवाहर बाग के सत्याग्रहियों ने सदर तहसील पर हमला कर वकील, लेखपाल, अमीन और वादकारियों की पिटाई कर डाली थी।
इसके बाद से पुलिस और प्रशासन की ओर से जवाहर बाग खाली कराने के लिए पुलिस और पीएसी के इंतजाम किए जा रहे हैं लेकिन अब तक जवाहर बाग खाली नहीं हो सका है। अब जवाहर बाग खाली कराने के लिए किसान रणनीति बना रहे हैं। समिति के महामंत्री गिरराज प्रसाद वशिष्ठ ने जिले के सभी किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन, टिकैत गुट, हरपाल गुट, किसान सभा और अन्य किसान नेताओं व लेखपाल संगठन, अमीन संगठन और कर्मचारी संगठनों से बुधवार को वटवृक्ष के नीचे बैठकर आंदोलन में आगे की रणनीति बनाने को कहा है।
सत्याग्रहियों की जमानत खारिज
पुलिस द्वारा जेल भेजे गए कथित सत्याग्रहियों की जमानत मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दी। अब अपील सत्र न्यायालय में की जाएगी। बचाव पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि प्रिंस, रामायण, नवल किशोर, राहुल, राधे, प्रेमपाल, योगेंद्र, चरण सिंह की जमानत के लिए मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई।
इसके अलावा कन्नौज से पुलिस द्वारा लाए गए संजीव कुमार की जमानत अर्जी भी दाखिल की गई। न्यायाधीश राधेमोहन श्रीवास्तव ने सभी नौ लोगों की जमानत याचिका खारिज कर दी। अधिवक्ता गौतम ने बताया कि अब वो सत्र न्यायालय में अर्जी दाखिल करेंगे।