मथुरा। छाता उप डाकघर में डिजिटल लेनदेन की सुविधाएं बढ़ीं तो ग्राहकों ने भी रुचि दिखाई, लेकिन डाक विभाग के अधिकारी फर्जी डाक टिकट चिपकाकर भेजी जा रही डाक को नहीं पकड़ पाए। जानकारी के अनुसार जो व्यक्ति डाक देने आता था वह छाता का रहने वाला नहीं है। उप डाकघर में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण अब विभाग आसपास लगे कैमरों से युवक की पहचान करने का प्रयास करेगा।
उप डाकघर में फर्जी टिकट के जरिए डाक भेजने का खेल खूब चला। छाता उप डाकपाल मदन लाल व क्लर्क मोहित को प्रारंभिक जांच में दोषी मिलने पर निलंबित कर दिया है। टीम ने उप डाकपाल के बयान दर्ज कर मामले की जांच को आगे बढ़ाया है। जानकारी के अनुसार जो व्यक्ति छाता उप डाकघर से डाक अलग-अलग अन्य स्थानों को भेजने के लिए आता था वह छाता का रहने वाला नहीं है।
वह कोई बाहरी व्यक्ति यहां आकर डाक भेजता था। जो लगातार 10 दिन तक 500 से 1000 डाक को फर्जी टिकट चिपका कर भेज रहा था। अब विभाग की जांच टीम उस व्यक्ति का पता लगा रही है जो डाक भेजने आता था, लेकिन डाकघर में कैमरे नहीं होने से उसकी पहचान करने में परेशानी आ रही है। प्रवर डाक अधीक्षक विजेंद्र सिंह ने बताया कि जांच अभी चल रही है, पूरे प्रकरण की गहनता से जांच हो रही है।