न्यायालय में विचाराधीन अपराधियों के आयु संबंधी फर्जी दस्तावेज बनाने पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति किशोर न्याय परिषद ने जिला विद्यालय निरीक्षक से की है।
किशोर न्याय परिषद में ऐसे किशोरों के मामले आते हैं, जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है। वर्तमान में यहां ऐसे 560 मामले विचाराधीन हैं। आयु प्रमाणपत्रों के सत्यापन में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें आयु के फर्जी प्रमाणपत्र स्कूलों से बनवाकर लगवाए गए हैं।
अभियोजन अधिकारी अनार सिंह ने बताया कि श्रीकृष्ण इंटर कालेज दलौता, श्रीमहाराज सिंह इंटर कालेज नगला संजा मथुरा और डीएसपी पब्लिक स्कूल प्रा वि नगला गवे फीरोजाबाद के प्रधानाचार्य इसमें शामिल हैं। इन तीनों विद्यालयाें के प्रधानाचार्यों ने परिषद की अध्यक्ष एवं जज लवली जेसवाल, सदस्य कुमारी शशिवाला गुप्ता और राम प्रकाश गौतम के सामने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए, जो मेल नहीं खा रहे थे। परिषद की ओर से इन प्रधानाचार्यों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के अलावा डीआईओएस को विभागीय कार्रवाई, स्कूलों की मान्यता को रद्द किए जाने की संस्तुति की गई है।
किशोर न्याय बोर्ड से पत्रावली कार्यालय में प्राप्त हो चुकी है। पत्रावली का निरीक्षण कर कालेजों के विरुद्ध उचित एवं कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डा. आईपी सिंह सोलंकी, जिला विद्यालय निरीक्षक