कान्हा माखन पब्लिक स्कूल के अंदर फैसेलिटी सेंटर चलाया जा रहा था।
- फोटो : अमर उजाला
कान्हा माखन पब्लिक स्कूल के अंदर फैसेलिटी सेंटर चलाया जा रहा था। यहां से स्कूल यूनीफॉर्म, स्टेशनरी की बिक्री बिना बिल के हो रही थी। इस बात का खुलासा वाणिज्य कर विभाग के छापे में हुआ है। विभाग ने कृष्णानगर की दो फर्मों पर भी सर्वे की कार्रवाई की है। सभी मामलों में कर चोरी का आकलन किया जा रहा है।
संयुक्त आयुक्त सचल दल एवं विशेष अन्वेषण शाखा अनूप कुमार प्रधान ने बताया कि सरस्वती कुंड स्थित कान्हा माखन पब्लिक स्कूल के अंदर फैसेेलिटी सेंटर पर अफसरों को यूनीफॉर्म, स्टेशनरी की खरीद और बिक्री का कोई लेखा-जोखा नहीं मिला। मौके पर 20 लाख रुपये का स्टॉक मिला है। विभाग के अधिकारी कर चोरी की पड़ताल में जुटे हैं।
इसके अलावा एसआईबी की टीम ने स्कूलों को यूनीफॉर्म और स्टेशनरी सप्लाई करने वाली फर्म कृष्णानगर स्थित आहूजा मैन्स वीयर, श्रीजी ट्रेडर्स के यहां भी सर्वे की कार्रवाई की। आहूजा मैन्स वीयर से 15 लाख और श्रीजी ट्रेडर्स पर 10 लाख का स्टॉक मिला है। जिसका कोई लेखा-जोख नहीं है।
इन मामलों में मौके से मिले कागजों के आधार पर कर चोरी की गणना की जा रही है। सर्वे की कार्रवाई में डिप्टी कमिश्नर एसआईबी धवल प्रकाश, सहायक आयुक्त ईशा गौतम और सीटीओ राजेश मिश्रा शामिल रहे।
छह और स्कूल निशाने पर
जिले में छह से अधिक स्कूल कैंपस के अंदर ही कॉपी, ड्रेस और स्टेशनरी की बिक्री कर रहे हैं। यहां अभिभावकों से सामग्री की मनमानी कीमत वसूली जाती है। वाणिज्य कर विभाग इन स्कूलों की पड़ताल में जुटा है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जल्द ही और स्कूलाें पर भी छापामार कार्रवाई होगी।
फैसेलिटी सेंटर वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत है। हम बिक्री के बिल जारी करते हैं। सभी जानकारी अधिकारियों को भी दे दी है।
-अनिल यदुवंशी, प्रधानाचार्य, कान्हा माखन पब्लिक स्कूल