मथुरा। दो साल पहले बीएसए कॉलेज के पास हुए टंकी हादसे के बाद जलकल विभाग सतर्कता बरत रहा है। विभाग ने मथुरा-वृंदावन में पुराने व जर्जर 22 ओवरहेड टैंकों को चिह्नित किया है। देश के चार तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों से पहले इन टैंकों की मजबूती और सुरक्षा मानकों का परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद इनके संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
दो साल पहले बीएसए इंजीनियरिंग कॉलेज के निकट कॉलोनी में बना ओवरहेड टैंक ढह गया था। हादसे में कई लोगों की मृत्यु हो गई और कई लोग घायल हो गए थे। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए तो विभाग ओवरहेड टैंकों के प्रति सजग हुआ है। जलकल विभाग द्वारा चिह्नित इन 22 ओवरहेड टैंकों के भविष्य का फैसला आईआईटी रुड़की व दिल्ली, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (अलीगढ़), जामिया मिलिया इस्लामिया के विशेषज्ञों की टीम करेगी। मूल्यांकन के आधार पर विशेषज्ञ बिंदुवार अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि कौन सी टंकी गिरासू हालात में है जिसे ध्वस्त कराया जा सके और कौन सी टंकी अभी ठीक हालत हैं जिसे चालू कर पानी की सप्लाई दी जा सके। वर्तमान में यह सभी ओवरहेड टैंक बंद पड़े हैं।
विशेषज्ञ यह करेंगे परीक्षण
विशेषज्ञ इन टैंकों की वर्तमान स्थिति, संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण करेंगे। परीक्षण के दौरान, टैंकों की उम्र, उनमें इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता और किसी भी प्रकार की संभावित खामियों का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा।
ये ओवरहेड टैंक शामिल
चिह्नित टैंकों में चंद्रपुरी कॉलोनी में 1660 किलोलीटर, गिरिराज नगर कॉलोनी में 100 किलो लीटर, कदंब विहार में 850 किलो लीटर, बसेरा बैकुंठ कॉलोनी में 250 किलोलीटर, पुष्पांजलि बैकुंठ कॉलोनी में 250 किलोलीटर, पुष्पांजलि द्वारिका 450 किलोलीटर आदि।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही चिह्नित 22 ओवरहेड टैंक के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विभाग हादसों से बचने के लिए नए और सुरक्षित टैंकों के निर्माण की योजनाओं पर भी विचार कर रहा है। -अनवर ख्वाजा, महाप्रबंक, जलकल विभाग