यमुना किनारे कूड़ा डालने और जहां तहां कूड़ा जलाए के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने वृंदावन नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को तलब किया है। याची मधुमंगल शुक्ला की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद ईओ को 23 मार्च को पेश होने को कहा है।
याची मधुमंगल शुक्ला ने हलफनामे में बताया है कि पालिका द्वारा उपलब्ध कराई भूमि वृंदावन के कूड़ा निस्तारण के लिए पर्याप्त नहीं है। पालिका प्रशासन को इससे से बड़ी भूमि उपलब्ध करानी चाहिए।
अधिवक्ता राहुल चौधरी के माध्यम से शुक्ला ने अधिकरण को अवगत कराया कि वृंदावन में म्यूनिसिपल मैनेजमेंट सोलिड वेस्ट हैंडलिंग रूल का पालन सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। मुख्य डलावघर में कूड़ा जलाकर उसका निस्तारण किया जा रहा है।
इसके चलते नगर में शुद्ध वायु का अभाव भी होता जा रहा है। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि यमुना किनारे वर्तमान में लगातार मलबा डाला जा रहा है और पुराने मलबे को अभी तक उठाया नहीं है।