प्रमुख सचिव ने विशेष अपील दाखिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के एक सप्ताह बाद भी विशेष अपील दाखिल नहीं की गई। इस लापरवाही पर प्रमुख सचिव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर शासन से संबद्ध कर दिया।
न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कड़ा कदम उठाया है। आगरा क्षेत्र के विधि अधिकारी फैजल हुसैन को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, जबकि एक अन्य अधिकारी से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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मामला लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड में तैनात अवर अभियंता सतेंद्र कुमार से जुड़ा है। सतेंद्र कुमार ने अपने वेतनमान में वृद्धि की मांग की थी, जिसे अधिशासी अभियंता अजय कुमार सिंह द्वारा स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद अवर अभियंता ने उच्च न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विशेष अपील दायर करने के लिए प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को आदेश जारी किए। प्रमुख सचिव अजय चौहान ने विभाग को 9 जनवरी 2025 तक विशेष अपील दाखिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के एक सप्ताह बाद भी विशेष अपील दाखिल नहीं की गई।
इस लापरवाही पर प्रमुख सचिव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता अजय कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर शासन से संबद्ध कर दिया। इसके साथ ही आगरा क्षेत्र के विधि अधिकारी फैजल हुसैन को भी निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
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17 जनवरी को दाखिल की अपील
जानकारी के अनुसार, अवर अभियंता सतेंद्र कुमार लंबे समय से पिछली तिथि से वेतनमान बढ़ाने की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया। हालांकि बाद में 17 जनवरी को विशेष अपील दाखिल की गई, लेकिन तब तक हुई देरी को गंभीर लापरवाही मानते हुए यह सख्त कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के बाद लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।