मथुरा। नई आबकारी नीति के तहत तय की गई बार लाइसेंस की फीस और नवीनीकरण की फीस में बड़े अंतर से लाइसेंसधारकों में रोष है। जनपद के बार लाइसेंसधारकों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इसके तहत पुराने लाइसेंसधारकों के नवीनीकरण की फीस करीब 9.7 लाख रुपये जमा करानी है, जबकि नए लाइसेंस वालों को 7.5 लाख ही अदा करने होंगे। लाइसेंसधारक इस दोहरी नियमावली पर आपत्ति कर रहे हैं।
प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अप्रैल से शुरू होने वाले आबकारी ठेके और बार लाइसेंस के लिए शासन ने नई आबकारी नीति की घोषणा की है। इसमें पुराने बार लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए लाइसेंस धारकों को करीब 9.7 लाख रुपये की नवीनीकरण धनराशि जमा करने का प्रावधान किया गया है। वहीं इसमें नए बार लाइसेंस की अनुज्ञप्ति के आवेदन पर मात्र 7.5 लाख रुपये जमा करने का प्रावधान किया गया है।
इसे लेकर जनपद के बार लाइसेंसधारकों ने रोष जताया है। उनका आरोप है कि सरकार बार लाइसेंसधारकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इसको लेकर शहर के बार संचालक राजीव अग्रवाल ब्रजवासी, सुरेश बंसल आदि ने विरोध जताया है। उन्होंने इसे सरकार की दोहरी नियमावली बताकर बार लाइसेंसधारकों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने शासन प्रशासन के आबकारी अधिकारियों से भी अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं।
बयान
सरकार ने नई नीति के अनुसार नए आवेदकों को 7.5 लाख रुपये और नवीनीकरण के लिए 9.7 लाख रुपये जमा करने का प्रावधान किया है।
- ओमवीर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी