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Mathura News: हर तीसरा व्यक्ति गंगाजल से वंचित

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मथुरा। करीब आठ लाख की आबादी वाले मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में सिर्फ 25 से 30 प्रतिशत आबादी तक ही गंगा जल पहुंच रहा है, शेष हिस्सा अब तक गंगाजल का स्वाद नहीं चख सका है। हालत यह है कि पुराने शहर की ही 50 प्रतिशत आबादी गंगाजल से महरूम हैं। इसमें होलीगेट के आसपास का इलाका भी शामिल हैंं। मथुरा-वृंदावन नगर निगम की आबादी आठ लाख से ऊपर है। इसमें करीब साढे़ चार लाख की आबादी पुराने मथुरा-वृंदावन पालिका क्षेत्र का हिस्सा है, जबकि तीन लाख से अधिक आबादी नवीन क्षेत्र की है। इसके लिए 100-125 एमएलडी गंगाजल की आवश्यकता है, लेकिन मथुरा-वृंदावन को सिर्फ 25 एमएलडी या फिर इससे भी कम मात्रा में आपूर्ति हो रही है। यह मात्रा पुरानी आबादी के लिए भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में कहीं गंगा जल तो कहीं नलकूप का पानी दिया जा रहा है। अनेक इलाके तो ऐसे हैं, जहां नलकूपों का पानी भी खारा है। ऐसे में लोग आरओ प्लांट का पानी खरीदकर प्यास बुझाते हैं। घर-घर पानी की योजना भी पूरी तरह से कारगर साबित नहीं हो सकी है। अनेक क्षेत्रों में पानी की टंकी और अंडरग्राउंड जलाशय सफेद हाथी बने हुए हैं।
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यमुनापार में नहीं है गंगाजल की आपूर्ति

यमुना पार क्षेत्र अब तक पानी की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा कृष्णा नगर, अंबाखार, अंतापाड़ा, बंगालीघाट, वार्ड 47, सिविल लाइन, धौलीप्याऊ क्षेत्र का बड़ा हिस्सा, नवनीत नगर, वार्ड 42, गोविंद नगर, जगन्नाथपुरी, जयसिंहपुरा आदि क्षेत्र में गंगा जल नहीं पहुंचा है। वृंदावन का भी कुछ ही इलाका गंगाजल से पोषित है।


चार माह पहले खोद दी सड़क, अब तक कनेक्शन नहीं



मथुरा। नगर निगम कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर स्थित योगमाया मंदिर गली पिछले चार माह से खुदी पड़ी है। जल निगम ने इस गली में पानी की पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई की थी, लेकिन यह कार्य अब तक अधूरा है। आधा दर्जन घरों में पेयजल कनेक्शन के बाद निगम इस काम को भूल गया। गली निवासी अभिषेक पाराशर का कहना है कि चार माह हो गए इस समस्या कोई समाधान नहीं किया है। शिकायत डीएम से की, उनके आदेश के बाद भी जल निगम कार्य पूरा करने को तैयार नहीं है। कृष्ण कुमार सिंघल का कहना है कि गली खुदी पड़ी है। निजी नलकूप के सहारे पानी की व्यवस्था हो रही है। यह पानी भी खारा है। पीने के लिए आरओे प्लांट का पानी खरीदते हैं। रिंकू वर्मा ने बताया कि नगर निगम कार्यालय सामने है पर पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। पाइप लाइन मुख्य आपूर्ति लाइन से जोड़ा नहीं गया है।
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