जवाहर बाग हिंसा के ग्यारह दिन बाद मथुरा पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसकी लापरवाही रही, कौन दोषी है। सभी बिंदुओं पर न्यायिक आयोग से जांच कराई जा रही है। जिला प्रशासन भी अपनी एजेंसियों से पड़ताल करा रहा है। जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वे लखनऊ में बैठे अधिकारी रहे हों या फिर मथुरा के, सब के सब नपेंगे। हालांकि सीबीआई जांच के सवाल पर वह कन्नी काट गए।
मुख्यमंत्री सोमवार को मथुरा पहुंचे और शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के परिवार को सांत्वना दी। शहीद की पत्नी अर्चना द्विवेदी की विशेष कार्य अधिकारी के पद पर तैनाती की जानकारी दी और नियुक्ति पत्र सौंपा। आर्थिक सहायता के रूप में 50 लाख रुपये का चेक भी दिया। अर्चना द्विवेदी ने उनसे आर्थिक सहायता में इजाफा करने, बच्चों की शिक्षा, स्थायी आवास की सुविधा और घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनके परिवार के साथ है। किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी।
पुलिस लाइन में हुई पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने घटना को बहुत दुखद बताते हुए कहा कि इसमें दो जांबाज अधिकारी शहीद हो गए हैं। सरकार इन परिवारों के साथ है। उनकी हर संभव मदद की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कहीं न कहीं तो कोई चूक रही होगी। न्यायिक आयोग की जांच में सब साफ हो जाएगा।
ढाई साल तक सरकार की खामोशी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रशासन से रिपोर्ट मिली थी लेकिन जवाहर बाग में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी थे। हम नहीं चाहते थे कि किसी को नुकसान पहुंचे। इसलिए कोशिश की जा रही थी कि इन लोगों को किसी तरह से बाहर निकाल लिया जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद तत्काल कार्रवाई कराई गई। मुकुल के परिवार वालों ने भी कहा है कि जवाहर बाग में उनके साथ जो पुलिस अधिकारी थे वह भाग गए थे। इसकी भी जांच कराई जा रही है।
इससे पहले जवाहर बाग के हालात जानने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने क्षेत्र का हवाई निरीक्षण भी किया। उनका हेलीकाप्टर इसके बाद पुलिस लाइन में उतरा। उन्होंने कहा, बाग को संवारा जाए। पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री ने जवाहर बाग प्रकरण की पूरी समीक्षा की। निर्देश दिए कि रामवृक्ष के फरार साथियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने आपरेशन जवाहर बाग में घायल हुए पुलिसकर्मियों से भी मुलाकात की। उनका हाल जाना और शाबाशी दी। कहा कि उनकी बहादुरी से ही जवाहर बाग खाली हो सका है। अखिलेश पहले जवाहर बाग और फिर कैराना मामले पर भाजपा नेताओं पर बरसे। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है, लिहाजा इन्हीं के बहाने प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रच रहे हैं।