गोवर्धन नगर पंचायत के ईओ टीएन चौबे अब 49.56 लाख रुपये की अनियमितता में फंस गए हैं। ये प्रकरण भी उनके बांदा जिले की नगर पंचायत ओरन में तैनाती के दौरान का है। ओरन में ईओ के पद पर रहते हुए उन्होंने आदर्श नगर योजना में गोलमाल किया। इस पर चल रही विभागीय जांच में अब अंतिम स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वर्ष 2010-11 के दौरान बांदा जनपद की नगर पंचायत ओरन में ईओ के पद पर रहते हुए टीएन चौबे ने आदर्श नगर योजना में अवस्थापना सुविधाओं के लिए स्वीकृत किए गए कार्यों को बदल डाला था। प्रशासनिक स्वीकृति पर तय किए गए कार्यों के स्थान पर अपनी मर्जी से कार्य करा डाले। इसमें टीएन चौबे को निलंबित कर दिया गया, लेकिन हाईकोर्ट ने निलंबन को स्थगित करते हुए विभागीय जांच जारी रखने के आदेश दिए थे।
इस प्रक्रिया के तहत की जा रही संशोधित जांच आख्या पर टीएन चौबे की ओर से अपना पक्ष नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए पूर्व में भी नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन जवाब नहीं दिया गया। अब इस मामले में वर्तमान अधिशासी अधिकारी गोवर्धन टीएन चौबे को एक और मौका दिया गया है। इसमें 15 दिन में जवाब न मिलने पर मान लिया जाएगा कि आरोप स्वीकार कर लिए गए हैं।
12 लाख के वेतन में भी फंसे हैं ईओ
गोवर्धन नगर पंचायत के ईओ टीएन चौबे इस मामले के अलावा निर्धारित से ज्यादा वेतन हासिल करने के मामले में भी फंसे हैं। इस मामले में बांदा के डीएम की रिपोर्ट पर शासन ने पिछले माह ही मथुरा डीएम को अनियमित रूप से लिए गए अधिक वेतन की वसूली के आदेश दिए हैं। ये राशि करीब 12 लाख रुपये बैठती है।
घबरा रहे हैं चेयरमैन
अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे की ओर से पूर्व में की गई विभिन्न अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद जनपद के चेयरमैन परेशान हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से संपर्क भी किया है। टीएन चौबे पर गोवर्धन, राधाकुंड, सौंख और वृंदावन नगर पालिका का भी अतिरिक्त चार्ज है।