एल्विश यादव ने केलि कुंज आश्रम पहुंचे। उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के सामने बैठकर उनकी बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संत से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा, जिस पर महाराज ने बड़ी सहजता से कहा कि 'अब शरीर कितना भी संभाल लो, जाना तो सबको ही है।' उनकी इस बात पर एल्विश भावुक हो गए और बोले कि वो अपने जीवन में संतों के मार्गदर्शन पर चलना चाहते हैं।
भगवान चलावें तो मरे को भी जिंदा कर दें
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान चलावें तो मरे को भी जिंदा कर दें। अब हमारी आशा तो नहीं रह गई। क्याेंकि दोनों किडनी फेल हैं। राधा नाम सबका मंगल करेगा, राधा नाम सबको जीवन दान देगा, राधा नाम सबकी कामनाएं पूर्ण करेगा। प्रेमानंद चला जाएगा लेकिन राधानाम कभी नहीं जाएगा। प्रेमानंद के द्वारा गाया गया राधा नाम की छाप जन जन में रहेगी। राधा नाम का प्रभाव रहेगा। उन्हाेंने एकांतिक वार्तालाप में मौजूद लोगों से कहा कि आप भी नाम जप करते हो, थोड़ा तो नाम जप किया करो।
इस दौरान संत प्रेमानंद जी महाराज ने एल्विश यादव से ये भी पूछा कि क्या तुम भगवान का नाम जपते हो? इस पर एल्विश ने मुस्कुराते हुए जब कहा कि नहीं तो महाराज ने प्रेमपूर्वक समझाया कि 'तुम आज सफल हो, ये तुम्हारे पिछले जन्म के अच्छे कर्म हैं। लेकिन आज के कर्मों का क्या? भगवान का नाम लोगे तो जीवन में स्थिरता आएगी।' फिर उन्होंने एल्विश से कहा कि वे रोजाना एक अंगूठी पहनें और 10,000 बार ‘राधा’ का नाम जपें। एल्विश ने संत से वादा किया कि वो हर रोज राधा नाम का जाप करेंगे।
संत प्रेमानंद महाराज ने एल्विश को समझाया कि 'अगर तुम हाथ में शराब लेकर वीडियो बनाओगे, तो लाखों लोग तुमसे वही सीखेंगे। लेकिन अगर तुम भक्ति करोगे, तो वही लोग राधा नाम जपना शुरू करेंगे।' इस पर एल्विश ने कहा कि वह अब से अपनी छवि और कर्म दोनों पर ध्यान देंगे ताकि उनके प्रशंसक सही दिशा में प्रेरित हों।