72 घंटे के इंतजार के बाद सोमवार को सभी आपरेशन जवाहर बाग के दौरान मारे गए कब्जाधारियों के उन्नीस शवों का पोस्टमार्टम करा लिया गया। चार डाक्टरों के पैनल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक ग्यारह लोग तो जलकर मरे हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। वहीं एक महिला समेत 8 की मौत शरीर के अंदरूनी अंगों पर लगी चोट से हुई है।
जवाहर बाग को खाली कराते वक्त हुई हिंसा में एसपी सिटी और थानाध्यक्ष शहीद हो गए जबकि कई कब्जाधारियों की मौत हो गई थी। नियम है कि शव की पहचान के लिए 72 घंटे तक इंतजार किया जाता है। लिहाजा पुलिस ने सभी 19 कब्जाधारियों के शवों को मोर्चरी पर रखवा दिया था। सोमवार को सभी का पोस्टमार्टम कराया गया। जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष समेत सभी उन्नीस शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
इनमें 11 लोगों की मौत तो जलने से बताई जा रही है जबकि 8 की मौत चोट लगने से हुई। इन लोगों की चोटें भी काफी गंभीर हैं। इनके शरीर की हर हड्डी टूटी है। हाथ टूटे थे। पैरों की हड्डियां भी कई जगह से टूटी मिलीं। पसलियां भी टूटी मिली हैं। खास बात यह है कि इनमें से किसी के शरीर पर गोली का निशान नहीं है।
डाक्टरों का कहना है कि चोट लगने से मौत हुई है। अब सवाल यह उठता है कि चोट कैसे लगी। इसका मतलब साफ है कि पुलिस ने गोलियां ही नहीं चलाईं बल्कि बल का प्रयोग भी किया।
हर शव का लिया गया डीएनए सैंपल
जवाहरबाग से जितने भी शव बरामद हुए थे उन सभी का अंतिम संस्कार करने से पहले डीएनए सैंपल ले लिया गया है। ताकि अगर आगे कोई पहचान के लिए आता है तो सैंपल के जरिए हकीकत सामने लाई जा सके। सीएमओ विवेक मिश्रा ने बताया कि सभी सैंपल ले लिए गए हैं।