कोसीकलां। दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगम ने अधिक लाइन लॉस वाले 10 फीडरों को चिह्नित किया है। इसमें कोसीकलां डिवीजन के बठैनकलां फीडर में सबसे अधिक 85 फीसदी लाइन लॉस सामने आया है। लाइन लॉस कम करने के लिए निगम ने बृहस्पतिवार को चेकिंग अभियान चलाया।
लाइन लाॅस वाले फीडरों में गांव बठैनकलां, सिरथला तथा हुलवाना हैं। अधिशासी अभियंता एसपी सिंह के निर्देशन में एसडीओ अरविंद कुमार गौतम, एसडीओ चौमुंहा सर्वज्ञ श्रीवास्तव, एसडीओ छाता रविरंजन, जेई रोहित वर्मा, टीजी-2 राहुल, नायाब तहसीलदार पंकज कुमार आदि ने फोर्स के साथ बठैनकलां में अभियान चलाया। अभियान के दौरान करीब 40 उपभोक्ताओं की कटिया केवल उतार कर 17 उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बकाएदारों से 1.71 लाख रुपये की वसूली की गई। अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान बिजली चोरी के मामलों को पकड़ा गया और बकायेदारों से धनराशि जमा कराई जा गई।
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क्या होता है लाइन लॉस
लाइन लॉस की गणना के लिए मानक है। उपकेंद्र से फीडर तक जाने वाली कुल बिजली, उपयोग की गई बिजली, उपभोक्ताओं के यहां मीटर में हुई रीडिंग और जमा हुए बिल की गणना की जाती है। उदाहरण, जैसे किसी फ़ीडर को 100 यूनिट बिजली गई और मीटर रीडिंग 80 यूनिट की ही आई तो 20 यूनिट बिजली चोरी हो गई। जिन इलाकों में गणना की गई है वहां 98 प्रतिशत तक लाइन लॉस है। मतलब 100 यूनिट बिजली खपत में सिर्फ 2 यूनिट का बिल ही बन रहा।
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लाइन लॉस कैसे रोका जा सकता
बिजली लाइन की मरम्मत की जाए, जर्जर तार बदले जाएं, अधिक ज्वाइंट न हो, स्पार्किंग पर समाधान हो, ट्रांसफार्मर स्वीकृत लोड के अनुसार लगाया जाए।