जाट आरक्षण की मांग करते हुए जनपद के तीन प्रमुख मार्गों पर लोगों ने घंटों जाम लगाकर प्रदर्शन किया। जाट आंदोलनकारी पंचायत करने के बाद सड़कों पर बैठ गए। युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जाटों के प्रति विश्वासघात बताया। पुलिस अधिकारियों की ओर से समझाने के बाद जाम खोला जा सका।
सोमवार को मथुरा-भरतपुर मार्ग स्थित जाजनपट्टी चौराहे पर संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने पंचायत की। सुबह 11 बजे से शुरू हुई पंचायत के बाद दोपहर 12 बजे जाट आंदोलनकारी आरक्षण की मांग करते हुए मथुरा-भरतपुर मार्ग पर आ गए और हंगामा करते हुए जाम लगा दिया।
समिति के प्रदेश महासचिव महावीर सिंह परिहार ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने जाटों के साथ धोखा किया है। केंद्र में बैठी नरेन्द्र मोदी सरकार ने जाट आरक्षण का लोभ देकर जाटों से लोकसभा चुनाव में वोट ले लिए लेकिन बाद में उसकी पैरवी नहीं की। इससे हरियाणा के आंदोलन में मारे गण् युवाओं के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
धरने को रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी रालोद के मंडल उपाध्यक्ष सुरेश भगत, चन्द्रपाल सिंह, बिजेन्द्र प्रधान, हरीचंद, प्रीतम सिंह, चन्द्रभान सिंह, सत्यवीर सिंह, देवी सिंह, डा. राजवीर सिंह, बच्चू सिंह, डा. हरीसिंह, नरेन्द्र सिंह, मानपाल सिंह, हरगोपाल सिंह, जयवीर सिंह, तेजवीर सिंह, गुलाब सिंह, हरदेव सिंह, गंभीर सिंह, रोहिताश्व सिंह ने संबोधित किया।
दो घंटे तक लगे जाम के दौरान सीओ सदर आर के गौतम कई थानों के फोर्स के साथ मौके पर रहे। बाद में एसडीएम सदर चंद्र विजय सिंह पहुंचे। उनके समझाने पर जाट नेताओं ने ज्ञापन सौंपा और जाम खोल दिया।